आज थम जाएगा पहले चरण का चुनाव प्रचार, 11 अप्रैल को प्रथम चरण का मतदान

1.50 करोड़ मतदाता अपने प्रत्याशियों की भाग्य का करेंगे फैसला

नई दिल्ली: आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर 11 अप्रैल को पश्चिमी उत्तर प्रदेश की आठ सीटों पर प्रथम चरण का मतदान होना है। जिसके मद्देनजर पश्चिमी यूपी की आठ सीटों पर होने वाले प्रथम चरण के चुनाव में प्रचार नौ अप्रैल की शाम पांच बजे के बाद बंद हो जाएगा।

पहले चरण का मतदान 11 अप्रैल को सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक होगा। पहले चरण में सहारनपुर, कैराना, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मेरठ, बागपत, गाजियाबाद व गौतमबुद्धनगर में चुनाव हो रहा है। यहां 1.50 करोड़ मतदाता अपने प्रत्याशियों की भाग्य का फैसला करेंगे।

इन सीटों के लिए 6716 पोलिंग सेंटर व 16518 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। पहले चरण का चुनाव प्रचार मंगलवार की शाम छह बजे थमेगा। बुधवार 10 अप्रैल को पोलिंग पार्टियां बूथों के लिए रवाना होंगी। चुनाव आयोग ने भी मतदान की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।

मतदान के दौरान पुलिस चप्पे-चप्पे पर रहेगी मुस्तैद

चुनाव आयोग ने सोमवार रात पुलिस अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान पहले चरण के साथ ही अन्य चरणों की तैयारियों की भी समीक्षा की। मंगलवार शाम चुनाव प्रचार थमने के बाद सभी संवेदनशील क्षेत्रों में पूरी सतर्कता बरते जाने के निर्देश दिये गए हैं।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी एल वेंकेटेश्वर लू ने चुनाव ड्यूटी के साथ ही कानून-व्यवस्था को लेकर अब तक की गई कार्रवाई की समीक्षा की। डीजी कानून-व्यवस्था आनन्द कुमार व आइजी कानून-व्यवस्था प्रवीण कुमार त्रिपाठी की मौजूदगी में सभी एसएसपी/एसपी से उनकी तैयारियों के बारे में पूछा गया।

बूथ स्तर तक पुलिस व्यवस्था के बारे में जानकारी ली गई। बताया गया कि मतदान से पहले सभी संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस गश्त बढ़ाने के साथ ही शरारती तत्वों पर कड़ी नजर रखने का निर्देश दिया गया।

कहा गया कि कहीं भी गड़बड़ी करने वालों अथवा शांति व्यवस्था को प्रभावित करने वालों से पूरी सख्ती से निपटा जाए। प्रचार थमने के बाद संबंधित क्षेत्रों में पूरी मुस्तैदी से प्रभावी चेकिंग कराई जाये। अन्य चरणों के मद्देनजर भी जिलावार की गई कार्रवाई की सिलसिलेवार समीक्षा की गई।

कहा गया कि अपराधियों की गतिविधियों पर सतर्क दृष्टि रखी जाए। खुफिया तंत्र को भी पूरी तरह से सक्रिय किया जाए। चुनाव ड्यूटी में लगे अर्द्धसैनिक बल, पीएसी व पुलिस के जवानों के ठहरने के स्थानों की व्यवस्थाओं को पहले से देखकर सभी कमियों को दुरुस्त कराने के निर्देश भी दिये गए।

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