पहले हम जोगी के प्यार में डूबे थे अब उन्हें डुबाएंगेः सियाराम

बिलासपुर।

विधानसभा चुनाव परिणाम में हार-जीत की समीक्षा करने के बाद राजनीतिक दलों में लोकसभा चुनाव को लेकर उठापटक शुरू हो गयी है। जोगी कांग्रेस में जहां कई नेता पार्टी छोडऩे वाले हैं तो भारतीय जनता पार्टी में भी विधानसभा चुनाव की समीक्षा के बाद अब बिलासपुर लोकसभा सीट पर दावेदारी जताने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। स्थिति यह हो गयी है कि अब तक आधा दर्जन से अधिक दावेदार सामने आकर पार्टी स्तर पर अपना दावा ठोक चुके हैं।

बिल्हा के पूर्व विधायक सियाराम कौशिक विधान सभा चुनाव में जकांछ से मिली करारी शिकस्त के बाद परेशान हैं। पत्रिका की ओर से उनसे सवाल किया गया कि आप जोगी भक्त थे फिर अचानक आपको क्या होगा कि जोगी की पार्टी छोडऩे पर आतुर हो गए तब सियाराम ने कुछ इस अंदाज में दिया जवाब ..हम जोगी के प्यार में इस कदर डूबे थे कि अपना सब कुछ बर्बाद कर दिया।

हमारे कार्यकर्ता हमे बहुत समझाए लेकिन हम नहीं माने। हम छलिया की चाल को समझ नहीं पाए। कोई बात नहीं ..अब तक हम उनके प्यार में डूबे थे …अब हम उनको डुबोएंगे। बिल्हा के पूर्व विधायक सियाराम कौशिक को जोगी का अंधा भक्त कहा जाता है। कौशिक की क्षेत्र में अच्छी पकड़ है। जब वे जोगी के साथ गए तब लोगों ने ऐसा करने से रोका। समझाइश दिए लेकिन नहीं माने। अपने घर वालों की बात भी नहीं सुने। सियाराम ने बताया जोगी ने चुनाव में हमें साथ तो नहीं दिए चुनाव हरवा कर कर्ज में डुबा दिए। अब कुछ भी हो जाए वापस नहीं जाएंगे।

राहुल के साथ कांग्रेस प्रवेश

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी 28 जनवरी को रायपुर आ रहे हैं। इस दिन जकांछ के पांच लोगों को कांग्रेस प्रवेश कराया जाएगा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल राहुल गांधी से मुलाकात करने के लिए दिल्ली रवाना हो गए हैं।

पार्टी के विरुद्ध काम करने वालों के खिलाफ शिकायत करना महंगा पड़ा

जकांछ से बिलासपुर विधान सभा के प्रत्याशी रहे ब्रजेश साहू ने बताया ढ़ाई साल से मेहनत कर रहा था। पूरे परिवार के साथ चुनाव प्रचार किया। लेकिन एक दिन भी जोगी ने साथ नहीं दिया। चुनाव के दौरान सभा करने के लिए भी आग्रह किया लेकिन टाल गए।

ऐन चुनाव के दौरान कार्यकर्ता मरवाही ,कोटा और अकलतरा चले गए । दो चार बचे थे। वे लोग भी चुनाव हराने में कोई कसर नहीं छोड़े और कांग्रेस के लिए काम करने लगे। पैसा गया तो कोई बात नहीं मेहनत में पानी फेरने दिया गया।

चुनाव में काम नहीं करने वाले के खिलाफ कोई कार्रवाही नहीं की गई। शिकायत की तो बैठक में बुलाना बंद कर दिए थे। मेरे इस्तीफा देने के दूसरे दिन मुझे पार्टी से निष्कासित किया गया। जो लोग पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहे उनके खिलाफ कार्रवाही करने के बजाय मेरे ऊपर कार्रवाही की गयी।

भाजपा में बिलासपुर लोस के लिए आधा दर्जन नेताओं ने की दावेदारी

विधानसभा चुनाव में मिली पराजय भाजपा में आगामी लोकसभा चुनाव में दावेदारी को लेकर घमासान मचा हुआ है। पूर्व मंत्री और प्रदेश अध्यक्ष व नेता प्रतिपक्ष समेत आधा दर्जन से ज्यादा दावेदार हैं। दिल्ली में राष्ट्रीय अधिवेशन और रायपुर में बैठक के बाद लोकसभा चुनाव की तैयारी जारी है। लोकसभा के लिए दावेदारों के नाम सामने आने लगे हैं।

वर्तमान में लखनलाल साहू बिलासपुर से सांसद हैं उन्होंने पिछले चुनाव में कांग्रेस से प्रत्याशी रही पूर्व सांसद करूणा शुक्ला को 1 लाख 76 हजार 436 वोटों से हराया था। सांसद साहू को जिले के 6 और मुंगेली जिले के 2 विधानसभा क्षेत्र से 5 लाख 61 हजार 387 वोट मिले थे जबकि कांग्रेस की शुक्ला को 3 लाख 84 हजार 951 वोटों से संतोष करना पड़ा था। बिलासपुर लोकसभा में बिलासपुर, कोटा, तखतपुर, बिल्हा, बेलतरा, मस्तूरी के अलावा मुंगेली जिले के मुंगेली और लोरमी विस क्षेत्र भी है।

सांसद साहू ने सेंट्रल यूनिवर्सिटी, नवोदय विद्यालय, राष्ट्रीय राजमार्ग और कटघोरा- मुंगेली -कवर्धा रेल लाइन की समेत क्षेत्र की मांगों और समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। दावेदारों में पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल, नेता प्रतिपक्ष और प्रदेश अध्यक्ष धरम लाल कौशिक, गृह निर्माण मंडल के पूर्व अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी, खरसिया विस क्षेत्र से प्रत्याशी रहे पूर्व कलेक्टर ओपी चौधरी, पूर्व मंत्री मूलचंद खंडेलवाल खेमे से उनके पुत्र दीपक खंडेलवाल,तखतपुर पूर्व विधायक राजू क्षत्री द्वारा ताल ठोंकने की चर्चा है। इन दावेदारों में से ज्यादातर लोगों ने अपनी भावना से राष्ट्रीय नेतृत्व को अवगत करा दिया है।

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