छत्तीसगढ़

कमजोर भवन के कारण दो कमरे में लग रही पांच कक्षाएं

रायगढ़ : बच्चे अपना भविष्य बनाने के लिए प्राथमिक शाला में पढऩे के लिए पहुंचते हैं, लेकिन सुविधा के अभाव में उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यही नहीं प्रधानपाठक और अतिरिक्त कक्ष के एक छोटे से कमरे में सैकड़ों बच्चों को पढऩे के लिए बैठा दिया जाता है। यह नजारा पुसौर ब्लॉक के ग्राम कोतासुरा की है। समस्याओं के शिकायत के बाद भी शिक्षा विभाग के अधिकारियों का इस ओर ध्यान नहीं है ।
जिला मुख्यालय से 30 किमी की दूरी पर स्थित ग्राम कोतासुरा के प्राथमिक स्कूल में समस्याओं का अम्बार लगा हुआ है। यहां प्राथमिक शाला में 99 बच्चे अध्यनरत हैं । यहां रहने वाले लोग अपने बच्चों का भविष्य उज्जवल बनाने पढऩे के लिए स्कूल भेजते हैं। विडबंना है कि यहां सुविधा नाम की कोई भी बात नहीं है। पुराना स्कूल भवन खराब हो जाने के कारण 99 बच्चों को दो कमरे में बांट कर पढ़ाया जाता है। प्रधानपाठक के कक्ष में दो कक्षा के बच्चों और एक अतिरिक्त कमरे में तीन कक्षाओं के बच्चों को पढ़ाया जाता है। ऐसे में यहां बच्चे एक दूसरे से बिल्कुल सट कर बैठे होते हैं और उन्हें हिलने-डूलने तक की जगह नहीं होती है। हर दिन बच्चें यहां पढऩे के लिए पहुंचते हैं, लेकिन स्कूल आते ही उनकी परेशानी बढ़ जाती है। बताया जा रहा है कि स्कूल में पांच शिक्षक हैं और कमरे की कमी के कारण उन्हें भी समस्याओं से जूझना पड़ता है। ऐसा नहीं कि इसकी जानकारी विभाग के अधिकारियों को नहीं है। सब कुछ जानते हुए भी शिक्षा विभाग के बड़े अधिकारी इस ओर ध्यान देने के बजाए मामले को छिपाने का प्रयास कर रहे हैं।
गिर रहा छत का प्लास्टर
बताया जा रहा है कि स्कूल भवन काफी पुराना है और यहां के छतों का प्लास्टर धीरे-धीरे गिर रहा है। किसी अनहोनी घटना से बचने के लिए यहां के बच्चों को प्रधानपाठक और एक अतिरिक्त कक्ष में पढ़ाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि खराब भवन के कारण कभी कोई बड़ी घटना घटित हो सकती है।
स्कूल भवन के खराब होने के कारण यहां समस्याओं का अंबार है। ऐसे में स्कूल की बदहाली को सरपंच और अन्य अधिकारियों को सूचना दी गई है। पूर्व में स्कूल की मरम्मत कराने की बात कही गई थी, लेकिन इंजीनियर ने जब भवन का जायजा लिया, तो उन्होंने बताया कि भवन की मरम्मत नहीं हो पायेगी। बल्कि नया भवन बनाना पड़ेगा। इसके बाद आगे की कोई प्रक्रिया नहीं बढ़ी।
इस सम्बन्ध में चित्रसेन मालाकार प्रधानपाठक, प्राथमिक शाला कोतासुरा ने कहा कि स्कूल का भवन जर्जर होने के कारण दो कमरो में पांच कक्षा के बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। प्राथमिक शाला में 99 बच्चे अध्ययनरत हैं। स्कूल की बदहाली की जानकारी हमने विभाग के अधिकारियों को दे दी है।

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