समय सीमा के लंबित आवेदनों का निराकरण सुनिश्चित करें…

- मनीष शर्मा

गंभीर कुपोषित बच्चों के लिए कार्ययोजना बनाये…

मुंगेली : कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने आज को कलेक्टोरेट स्थित मनियारी सभाकक्ष में समय सीमा के अंतर्गत अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय कामकाज की समीक्षा की। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि टीएल के लंबित आवेदनों को गंभीरता से लें एवं निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होने कालातीत पट्टे का नवीनीकरण हेतु एसडीएम लोरमी को आवश्यक निर्देश दिये। ग्राम सारिसताल में नलजल योजना से लाभान्वित करने एवं बिगड़े हैण्डपंपों का संधारण हेतु लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता को आवश्यक निर्देश दिये गये।

कलेक्टर डॉ. भुरे ने परिवहन अधिकारी को निर्देशित किया कि अधिक किराया वसूली शिकायत के संबंध में जांच करायें। उन्होने महिला एवं बाल विकास, श्रम, आदिवासी विकास विभाग के अधिकारी को लंबित आवेदनों के निराकरण हेतु निर्देश दिये। जिला अस्पताल में वृक्षारोपण हेतु शेड निर्माण हेतु ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग के कार्यपालन अभियंता को स्टीमेट बनाने निर्देश दिये गये।

एक अन्य बैठक में कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने कलेक्टोरेट स्थित मनियारी सभाकक्ष में महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य, पंचायत, शिक्षा, उद्यानिकी एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर कामकाज की समीक्षा की। जिसमे कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित किया कि गंभीर कुपोषित बच्चों के लिए कार्ययोजना बनाएं। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के बेहतर क्रियान्वयन हेतु शिक्षा अधिकारी से मिलकर अच्छा काम करने के निर्देश दिये। उन्होने बाल कल्याण की दिशा में बेहतर क्रियान्वयन नहीं होने से जिला बाल कल्याण अधिकारी के विरूद्ध नाराजगी व्यक्त की।

कलेक्टर डॉ. भुरे ने प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना में प्रगति लाने जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश दिये। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि सम्पूर्ण टीकाकरण, संस्थागत प्रसव, 6 माह के पश्चात स्तनपान के साथ उपरी आहार विटामिन ए, आईएफए सप्लीमेंटेशन, फोलिक एसिड, कुपोषित बच्चों की विशेष देखभाल पर चर्चा की गई।

उन्होने पेयजलविहिन आंगनबाड़ी केंद्रों में जल की उपलब्धता सुनिश्चित करने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश दिये। शाला त्यागी किशोरी बालिकाओं को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने, व्यक्ति की सुरक्षा, पोषण एवं देखभाल के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिये गये। आंगनबाड़ी केंद्रों में सुपोषण वाटिका एवं कीचन गार्डन बनाये जाने हेतु उद्यानिकी विभाग को खाद एवं बीज उपलब्ध कराने निर्देश दिये गये।

जिला बाल संरक्षण कल्याण अधिकारी ने बताया कि बालक कल्याण समिति एवं किशोर न्याय बोर्ड में लंबित प्रकरणों के संबंध में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा त्रैमासिक पुर्नलोकन किया गया है। बाल देखरेख संस्था मुंगेली में निवासरत बालकों को बिलासपुर, कबीरधाम एवं अन्य जिले में स्थानांतरण किया गया है। बाल सम्प्रेषण गृह एवं बालिका गृह के आवश्यकता के संबंध में चर्चा की गई। बैठक में जिला पुलिस व प्रशासन के अधिकारी उपस्थित थे।

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