दिल्ली के रानी झांसी रोड पर अनाज मंडी इलाके में एक बार फिर लगी आग

कोर्ट में आरोपी रेहान और फुरकान को पेश करेगी पुलिस

नई दिल्ली: जहां कल सुबह रविवार को दिल्ली के अनाज मंडी की एक बेकरी में भीषण आग लगने से करीबन 43 लोगों की मौत और कई लोगों की गंभीर रूप से झुलसने की खबर आई थी. वहीं आज सोमवार को भी उसी जगह दोबारा आग लगाने की घटना सामने आई है.

बताया जा रहा है कि यह आग उसी बिल्डिंग में लगी है जिसमें रविवार को लगी आग में 43 लोगों की मौत हो गई थी. यहां एक घर में अवैध फैक्ट्री चल रही थी. फायर ब्रिगेड की 4 गाड़ियां मौके पर आग बुझाने के काम में जुटी हैं. अनाज मंडी इलाका फिल्मिस्तान सिनेमा से सटा हुआ है और यहां से कुछ ही दूरी पर मॉडल बस्ती फायर स्टेशन हैं.

बता दें कि आज इस मामले में पुलिस कोर्ट में आरोपी रेहान और फुरकान को पेश करेगी. रेहान बिल्डिंग का मालिक है और फुरकान उस फैक्ट्री का मैनेजर है. सदर बाजार पुलिस स्टेशन में इन दोनों के खिलाफ आईपीसी की धारा 304 और 308 के तहत केस दर्ज किया गया है. अगर आरोप साबित होता है तो इन्हें 10 साल की सजा या उम्रकैद हो सकती है.

पीड़ित परिवारों को 12-12 लाख मुआवजा

पीड़ित परिवारों को 12-12 लाख मुआवजा देने का भी ऐलान किया जा चुका है. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने हादसे की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं. कहा-दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा. दिल्ली के अनाज मंडी हादसे की जांच क्राइम ब्रांच करेगी.हादसे में फैक्ट्री मालिक रिहान के ख़िलाफ़ पुलिस ने गैर-इरादतन हत्या का केस दर्ज किया है.

दिल्ली में अनाज मंडी हादसे में प्रशासन की बड़ी लापरवाही भी सामने आई. इमारत से बचाए गए लोगों को अस्पताल ले जाने के लिए शुरुआत में एंबुलेस तक नहीं थी. हालात ये थे कि फायरकर्मियों ने इमारत से लोगों को रेस्क्यू करने के बाद ऑटो से अस्पताल भेजा.

वहीं दूसरी लापरवाही ये रही कि कल भी घटना स्थल से 200 मीटर दूर फैक्ट्री में भीषण आग लगी थी लेकिन बावजूद इसके कोई सुरक्षा इंतज़ाम नहीं किए गए थे. दिल्ली की ये आग तो बुझ गई लेकिन आग का शिकार हुए लोगों के परिवार वाले अब भी अपनों को ढूंढ रहे हैं.

राख में जिंदगी की तलाश

आग तो बुझ गई है लेकिन अपनों की तलाश में परिजन अस्पतालों के चक्कर काट रहे हैं. अब तक 28 मृतकों की शिनाख्त हुई है. ऐसे दर्जन लोग हैं जिनके अपने गायब हैं. अब उनकी तलाश में वो अस्पतालों के चक्कर लगा रहे हैं. जहां पर हादसे में मारे गए लोगों के शव रखे गए हैं, वहां भी लोग अपनों की तलाश के लिए पहुंच रहे हैं.

दिल्ली के जिन चार अस्पतालों में अग्निकांड के घायलों और शवों को लाया जा रहा है. वहां लोग बदहवास हालत में अपनों की खबर लेने पहुंच रहे हैं. हर कोई मोबाइल में फोटो लिए अपनों की तलाश में जुटा है लेकिन पता नहीं चल पा रहा है.

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