धरमजयगढ़ के जंगलों में भड़क रही आग, पेड़ों के साथ वन्य जीव भी खतरें में

17 सौ 13 स्क्वायर मीटर में फैले जंगल की निगरानी में हर बीट में केवल फायरवाचर

धरमजयगढ़।

धरमजयगढ़ वन मंडल में जंगलों की आग से न केवल हरेभरे पेड़ आग की चपेट में आकर नष्ट हो रहे हैं बल्कि वन्य जीवों का जीवन भी खतरे में पड़ गया है। करीब 17 सौ 13 स्क्वायर मीटर में फैले जंगल में बीट की निगरानी करने के लिए हर बीट में केवल एक फायर वाचर की नियुक्ति की गई है, जिन जंगलों में लगने वाली आग पर निगरानी करने की जिम्मेदारी है।

बता दें कि धरमजयगढ़ वन मंडल में 99 बीट और 6 रेंज हैं। 17 सौ 13 स्कवायर मीटर में हैं ऐसे में आग लगने पर उस पर काबू पाना असंभव सा हो गया है। वन में आग लगने पर इसे रोकने के लिए तैनात अमले की कमी बताकर विभागीय अधिकारी पल्ला झाड़ रहे हैं।

धरमजयगढ़ वन मंडल के डीएफओ प्रणव मिश्रा का कहना है कि फायर वाचर की नियुक्ति के लिए जो आंबटन राशि आती है वह पर्याप्त होती है। जंगल में आग स्थानीय ग्रामीण लोग महुआ बिनने वाले लोग लगाते हैं। वन विभाग समय-समय पर कार्यशाला लगाकर ट्रेनिग देता है। ग्रामीणों का मानना है कि आग लगाने से अच्छी गुणवत्ता का तेंदू उन्हें मिलता है। इस भ्रम को दूर करने के लिए ग्रामीणों को समझाइस दी जाती है। नहीं मानने पर दंडात्मक कार्यवाही की जाती है।

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