खेल

ISL: फुटबॉल खिलाडियों की 103% बढ़ी कमाई

हीरो इंडियन सुपर लीग 2017 (आइएसएल) भारतीय फुटबॉल खिलाड़ियों के लिए एक नए युग जैसा है। आइएसएल के इस सत्र में पिछले सभी सत्रों का रेकार्ड तोड़ते हुए खिलाड़ियों को 103 फीसद ज्यादा रकम दी जाएगी। यह भारतीय फुटबॉल के इतिहास मे पहली बार है कि इस खेल में भी क्रिकेट की तरह ख्याति और पैसा मिल रहा है। दरअसल 2014 में आइएसएल के नाम से एक प्रीमियर लीग की शुरुआत की गई थी। इसके संस्थापकों में से एक नीता अंबानी ने उस समय यही सपना देखा था कि यह भी इंडियन प्रीमियर लीग (आइपीएल) की तरह दुनिया में जानी जाए और इसके माध्यम से भारत को नए फुटबॉलरों की फौज तैयार करने में मदद मिले।

पिछले तीन सत्रों को देखें तो इस लीग से कई नए खिलाड़ी उभरकर सामने आए हैं। इसी का नतीजा है कि पहले सत्र में आठ टीमों के लिए 24 करोड़ रुपए खर्च करने वालों ने इस सत्र में 149 खिलाड़ियों को खरीदने और बनाए रखने के लिए लगभग 48.85 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। इससे साफ पता चलता है कि धीरे-धीरे इस लीग ने कितनी ख्याति हासिल की और कितना पैसा कमाया। इंडियन सुपर लीग के 2017 सत्र के लिए हुई नीलामी में 205 खिलाड़ियों में से 100 से ज्यादा खिलाड़ियों को 10 टीमों ने शामिल कर लिया है।

यूगेनसन लिंगदोह और अनस एडाथोडिका को नीलामी के शुरू होने के कुछ समय बाद ही टीमों ने खरीद लिया। लिंगदोह एटीके (आमार तोमार कोलकाता) और एडाथोडिका नई टीम जमशेदपुर एफसी की तरफ से खेलेंगे। आइएसएल के इस सत्र में जमशेदपुर एफसी के अलावा बंगलुरु एफसी दूसरी नई टीम होगी। वहीं एटलेटिको डी कोलकाता का नाम भी बदलकर आमार तोमार कोलकाता कर दिया गया है।

करोड़पति खिलाड़ी
-लिंगदोह और अनस को 1.1 करोड़ की समान बोली पर टीमों ने खरीदा है। इससे पहले कई अन्य खिलाड़ी भी करोड़पति क्लब में शामिल हो चुके हैं। पिछले सत्र में भारत के लिए सबसे ज्यादा गोल दागने वाले खिलाड़ी सुनील छेत्री को मुंबई ने 1.2 करोड़ में खरीदा था।
-17 नवंबर से शुरू हो रहे इस टूर्नामेंट में 22 खिलाड़ियों के लिए टीम मालिकों ने 11.51 करोड़ रुपए खर्च किए। इस लीग में 25 से 29 ऐसे भारतीय खिलाड़ी हैं जो देश के लिए खेल चुके हैं।

क्या हैं नियम
-आइएसएल के नियमों के मुताबिक एक टीम कम से कम 15 और अधिकतम 18 खिलाड़ी ही ले सकती है। इन 18 खिलाड़ियों में से दो अंडर-21 में से होने चाहिए।

फुटबॉल की दशा और दिशा बदल सकता है आइएसएल

इस लीग के शुरू होते समय ही यह सवाल उठा था कि क्या यह भारतीय फुटबॉल की दशा और दिशा बदल सकती है ? क्या यह भारतीय युवाओं को फुटबॉल अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर सकती है? और इन सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण, क्या यह क्रिकेट के बाद फुटबॉल को देश का दूसरा सबसे लोकप्रिय खेल होने का गौरव दिला सकती है ? अगर यह सब होना है तो इस लीग को दो महीनों का टूर्नामेंट बनाकर नहीं रखा जा सकता। दुनिया के कुछ बड़े खिलाड़ियों का इस लीग मे शामिल होना और इसे प्रोत्साहित करना इसे और भारत में फुटबॉल को और बेहतर बनाएगा।

इस सत्र में बिके सबसे महंगे खिलाड़ी
युगेनसन लिंगदोह – कोलकाता -1 करोड़ 10 लाख
अनस -जमशेदपुर -1 करोड़ 10 लाख
सुब्रत पॉल -जमशेदपुर -87 लाख
बलवंत सिंह -मुंबई सिटी -65 लाख
अरिंदम भट्टाचार्य – मुंबई सिटी – 64 लाख
रीनो एंटो – केरला ब्लास्टर्स – 63 लाख
नारायण दास – गोवा -58 लाख
अल्बिनो गोम्स -दिल्ली डायनामोज -50 लाख
महताब हुसैन -जमशेदपुर -50 लाख
जयेश राणे -कोलकाता -49 लाख

Tags
Back to top button