नई पेंशन योजना के लिए पंचायतों में 29-30 जून और नगरीय निकायों में 1 जुलाई को लगेंगे शिविर

राजनांदगांव : नई पेंशन योजना में हितग्राहियों के चिन्हांकन के लिए पंचायतों में 29 एवं 30 जून को शिविर लगाए जाएंगे। नगरीय निकायों में इसके लिए 1 जुलाई को शिविर लगाया जाएगा। समीक्षा बैठक में कलेक्टर भीम सिंह ने यह निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि इसके पहले पेंशन का आधार 2002 की गरीबी रेखा सूची थीए इसके चलते अनेक लोग पेंशन से वंचित हो जाते थे। वंचित हितग्राहियों को पेंशन का लाभ देने के लिए राज्य शासन ने एसईसीसी 2011 की सूची को आधार बनाते हुए नई पेंशन योजना बनाई है इसके अंतर्गत शिविरों के माध्यम से अधिकाधिक पात्र हितग्राहियों का चिन्हांकन करें ताकि इन्हें पेंशन योजना का लाभ दिया जा सके। बैठक में जिला पंचायत सीईओ चंदन कुमार, डीएफओ मोहम्मद शाहिद, अपर कलेक्टर जे.के. धु्रव, ओंकार यदु एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

खाद के भंडारण का मानीटर एसडीएम करेंगे : कलेक्टर ने कहा कि किसी भी केंद्र में खाद की कमी की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए। इसके लिए पहले ही भंडारण की कार्रवाई करें। उन्होंने जिला सहकारी बैंक के महाप्रबंधक को खाद भंडारण के संबंध में हर दिन की अद्यतन स्थिति रिपोर्ट करने कहा। उन्होंने कहा कि एसडीएम भी मानीटरिंग कर खाद के भंडारण की स्थिति सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने बीज निगम के अधिकारी से महामाया बीज की उपलब्धता के संबंध में पूछा। अधिकारी ने बताया कि महामाया बीज की आपूर्ति पिछले साल की तुलना में ज्यादा की गई है फिर भी माँग काफी होने के कारण इसकी आपूर्ति करना कठिन हो रहा है। इस पर कलेक्टर ने शासन से अधिक बीज की माँग करने के निर्देश बीज निगम के प्रबंधक को दिए।

हर ब्लाक में इंग्लिश मीडियम स्कूल खोलने की तैयारियों की समीक्षा : कलेक्टर ने हर ब्लाक में इंग्लिश मीडियम स्कूल खोलने की तैयारियों की समीक्षा भी की। जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि इसके लिए किताबें आ गई हैं एवं अन्य तैयारियाँ भी हो चुकी हैं। शिक्षकों की नियुक्ति भी जल्द ही करा दी जाएगी।

बस्ते का बोझ दूर करने बुक बैंक का प्रयोग : बैठक में स्कूलों में किताबों की उपलब्धता के संबंध में भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि सभी विषयों की किताबें स्कूलों में पहुँच गई हैं। केवल अंग्रेजी की पुस्तक कहीं-कहीं नहीं पहुँच पाई है। अधिकारियों ने बताया कि इस बार बुक बैंक का प्रयोग भी किया जा रहा है। पिछले साल की किताबें बच्चों से ली गई हैं। इन्हें स्कूल में ही रखा गया है। बच्चों को नई किताबें भी दी गई हैं जिन्हें बच्चे घर ले गए हैं। बच्चे जब स्कूल आते हैं तो उन्हें नई किताब लेकर आने की जरूरत नहीं। इससे बस्ते का बोझ घट जाता है। कलेक्टर ने इस पहल की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि किताबों को सुरक्षित रखने के लिए आल्मारी न होने पर इसका क्रय कर लें। उन्होंने कहा कि स्कूलों की मानीटरिंग के दौरान वे बुक बैंक का निरीक्षण भी करेंगे। उन्होंने इस पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह अच्छी पहल है इससे पुरानी पुस्तकों का भी उपयोग हो पाएगा और बच्चों को बस्ते का बोझ भी सहन नहीं करना पड़ेगा।

स्कूलों में पेयजल, शौचालय जैसी बुनियादी व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करें : जिला पंचायत सीईओ चंदन कुमार ने स्कूलों में पेयजल, शौचालय जैसी बुनियादी व्यवस्था के संबंध में नियमित मानीटरिंग करने के निर्देश एसडीएम एवं सीईओ को दिए। उन्होंने कहा कि स्कूलों और आंगनबाड़ी में बच्चों के लिए बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध कराना प्राथमिक जिम्मेदारी है कहीं भी दिक्कत सामने आती है तो तुरंत इस संबंध में ठीक कराने की कार्रवाई करें।
पाइपलाइन तोडफ़ोड़ हो तुरंत ठीक कराएं : कलेक्टर ने आरडीसी के अधिकारियों से कहा कि कहीं-कहीं सड़क निर्माण के दौरान पाइपलाइन में टूटफूट की शिकायत आई है। ऐसी स्थिति आने पर तुरंत ही पाइपलाइन ठीक कराएं ताकि अबाधित जलापूर्ति बनी रहे।

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