जिले में बाल विवाह के रोकथाम हेतु ग्राम पंचायत स्तर पर जागरूकता अभियान चल रहा जागरूकता हेतु रैली का आयोजन

– मनीष शर्मा

मुंगेली: जिले में अक्षय तृतीय पर बाल विवाह की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा पुलिस विभाग, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायतों के सीईओ व महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी, जिला बाल संरक्षण अधिकारी, जिला बाल संरक्षण इकाई, मुख्य नगर पालिका अधिकारी, सरपंच/सचिव, समस्त ग्राम पंचायतों की समिति बनाई गई है।

समिति द्वारा ग्राम पंचायत में सरपंच, सचिव, पंच व समस्त ग्रामवासियों से बाल विवाह रोकने के लिए सहयोग करने हेतु अपील की गई है। बाल विवाह एक सामाजिक कुप्रथा है, जिसे जड़ से खत्म करने की आवश्यकता है। बाल विवाह बच्चों के अधिकारों का हनन है।

नाबालिक बच्चे मानसिक एवं शारीरिक रूप परिपक्व नहीं होते हैं, जिसके कारण कुपोषण, शिशु मृत्युदर, मातृ मृत्युदर के साथ ही घरेलू हिंसा में भी वृद्धि होती है। इस प्रकार उनके जीवन में अनेक कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है साथ ही शिक्षा के मूलभूत अधिकारों से वंचित हो जाते है।

इस वर्ष जिले में 11 बाल विवाह रोके जा चुके है। जिला कार्यक्रम अधिकारी राजेन्द्र कश्यप के निर्देशानुसार जिला बाल संरक्षण अधिकारी श्रीमती अंजूबाला शुक्ला के नेतृत्व में जिला बाल संरक्षण इकाई के मैदानी अमलों/कर्मचारियों के द्वारा जिले में बाल विवाह जैसे कुरीति को दूर करने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर प्रचार-प्रसार कर जागरूकता रैली एवं समूह चर्चा का अभियान चलाया जा रहा है।

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