भाजपा नेताओं की मन और विचारों की शुद्धि के लिए पत्रकारों ने निकाली ‘गंगाजल यात्रा’

शास्त्री चौक पर पुलिस ने पत्रकारों को रोका, एडीएम को गंगाजल कलश सौंपकर लौटे पत्रकार

रायपुर: पत्रकार आंदोलन के दसवें दिन पत्रकारों ने भारतीय जनता पार्टी के नेताओं की मन और विचारों की शुद्धि के लिए सोमवार को गंगाजल यात्रा निकाली. यह यात्रा रायपुर प्रेस क्लब धरना स्थल से शुरू होकर रजबंधा मैदान स्थित भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय एकात्म परिसर तक जानी थी, लेकिन पुलिस ने शास्त्री चौक पर ही यात्रा को रोक दिया. इस दौरान पत्रकारों ने शालीनता का परिचय देते हुए और काननू व्यवस्था का ख्याल रखते हुए पुलिस का पूरा सहयोग किया. शास्त्री चौक पर ही पत्रकारों ने करीब आधे घंटे तक बीजेपी नेताओं के खिलाफ नारेबाजी की और इसके बाद एडीएम हरिओम द्विवेदी को गंगाजल के कलश सौंपकर उनसे आग्रह किया कि वे सभी कलशों को बीजेपी के नेताओं तक पहुंचाने का प्रबंध करें.

एडीएम ने गंगाजल से भरे कलशों को बीजेपी कार्यालय पहुंचाने का वादा किया है, जिसके बाद पत्रकार रैली की शक्ल में धरना स्थल वापस लौटे. रायपुर प्रेस क्लब के बैनर तले निकली इस गंगाजल यात्रा में बड़ी संख्या में पत्रकार शामिल हुए. महिला पत्रकारों ने भी यात्रा में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. गौरतलब है कि भाजपा कार्यालय में 2 फरवरी को पत्रकार सुमन पांडेय के साथ भाजपा के नेताओं ने मारपीट की थी, जिसके विरोध में पत्रकार पिछले दस दिनों से आंदोलन पर है.

पत्रकारों की मांग है कि पार्टी ऐसे गुंडा प्रवृत्ति के नेताओं को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाए, लेकिन पार्टी ऐसे नेताओं और कार्यकर्ताओं को शह देने में लगी हुई है, जिससे पत्रकारों में खासी नाराजगी है. इस मामले को लेकर प्रदेशभर के पत्रकार एकजुट हो गए हैं. प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मामले को लेकर धरना-प्रदर्शन हो रहे हैं, वहीं आंदोलन की आग प्रदेश के बाहर भी पहुंच चुकी है. पत्रकारों के आंदोलन को जनता का भी बेहद समर्थन मिल रहा है.

सोमवार के दसवें दिन भी कई सामाजिक संगठनों ने समर्थन आंदोलन को को मिला. पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय शिक्षक संघ ने भी आंदोलन को अपना समर्थन दिया है. सोमवार को परलकोट के पत्रकार रायपुर की घटना को लेकर धरने पर बैठे, वहीं तेरह फरवरी को सभी पत्रकार भाजपा सांसद विक्रम उसेंडी के घर के बाहर धरना प्रदर्शन करेंगे.

 

प्रेस क्लब अध्यक्ष दामू आम्बेडरे, महासचिव प्रशांत दुबे, उपाध्यक्ष प्रफुल्ल ठाकुर, कोषाध्यक्ष शगुफ्ता शीरीन, संयुक्त सचिव गौरव शर्मा और अंकिता शर्मा ने कहा है कि आंदोलन को दस दिन बीत चुके हैं, लेकिन भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने अभी तक आरोपियों के ऊपर कोई कार्रवाई नहीं की है, बल्कि वे उन्हें शह और प्रश्रय देने में लगे हुए हैं, यह बेहद ही शर्मनाक है. पार्टी को जल्द से जल्द आसामाजिक प्रवृत्ति के लोगों को पार्टी से निष्कासित करना चाहिए, ताकि समाज में एक अच्छा संदेश जाए. 

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