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दिल्ली में तीसरी बार नवंबर महीने में ऑड-ईवन लागू किया जा सकता है.

दिल्ली में तीसरी बार नवंबर महीने में ऑड-ईवन लागू किया जा सकता है

केजरीवाल सरकार ने ऑड-ईवन फॉर्मूले के लिए डीटीसी को तैयारियां करने के आदेश दिया है. केजरीवाल सरकार ने इसके लिए दिल्ली ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन और ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के अफसरों को लेटर लिखा है.

ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर कैलाश गहलोत के मुताबिक राजधानी की सड़कों पर गाड़ियों की संख्या पर लगाम लगाने के लिए सरकार ऑड-ईवन के लिए पहल कर रही है. इससे पहले 2016 में दो बार ऑड-ईवन फॉर्मूले को लागू किया जा चुका है. पिछले साल जनवरी और अप्रैल में 15-15 दिन के लिए ये स्कीम लागू की जा चुकी है.

गहलोत ने डीटीसी और ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के अफसरों से लिखे लेटर में कहा कि बढ़ते पॉल्यूशन लेवल को देखते हुए आम आदमी पार्टी सरकार कुछ आपातकालीन फैसले ले रही है. ऑड-ईवन भी इसमें शामिल है.

इसके लिए तैयारियां पूरी कर ली जाएं, ताकि इसे जल्द शुरू किया जा सके.
गहलोत ने लिखा है कि ऑड-ईवन स्कीम लागू करने के लिए दिल्ली में डीटीसी की बसों की संख्या बढ़ाने की जरूरत है. मेट्रो को छोड़ दिया जाए तो पब्लिक ट्रांसपोर्ट की खराब हालत इसे लागू करने में बड़ी चुनौती है.

राजधानी में पब्लिक ट्रांसपोर्ट के तौर पर फिलहाल डीटीसी की करीब 4000 और क्लस्टर स्कीम के तहत 1600 बसें चलाई जा रही हैं. वहीं, जरूरत के हिसाब से तो दिल्ली के सभी इलाकों को कवर करने के लिए करीब 12 हजार बसों की जरूरत है.

कोर्ट ने पिछले हफ्ते पॉल्यूशन की परेशानी को लेकर इन्वायरमेंट पॉल्यूशन कंट्रोल अथॉरिटी (EPCA) को ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) लागू करने का जिम्मा सौंपा था. इस दौरान कोर्ट ने कहा था सड़कों पर गाड़ियों का दवाब कम करने के लिए ऑड-ईवन लागू करने में हिचकिचाहट नहीं होनी चाहिए. अगर जरूरत पड़े तो स्कूलों को भी बंद रखा जाए.

ईपीसीए ने पॉल्यूशन कंट्रोल के लिए कार्रवाई करते हुए पहले ही बदरपुर थर्मल पॉवर प्लांट, ईंट भट्टों और जनरेटर के इस्तेमाल पर रोक लगा चुकी है. सरकार के सूत्रों के मुताबिक 15 नवंबर से ऑड-ईवन की शुरुआत की जा सकती है.

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