विदेश मंत्री एस जयशंकर ने की ईरान के विदेश मंत्री जवाद जरीफ से मुलाकात

रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण चाबहार बंदरगाह सहित द्विपक्षीय सहयोग के अन्य मुद्दों पर की चर्चा

नई दिल्ली:अफगानिस्तान पर होने वाले एक महत्वपूर्ण सम्मेलन(नौवें ‘हार्ट ऑफ एशिया-इस्तांबुल प्रॉसेस’) में हिस्सा लेने के लिए ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे पहुंचे भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने वहां ईरान के विदेश मंत्री जवाद जरीफ से मुलाकात कर रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण चाबहार बंदरगाह सहित द्विपक्षीय सहयोग के अन्य मुद्दों पर चर्चा की.

विदेश मंत्री के सम्मेलन से इतर अन्य प्रतिभागी देशों के नेताओं से मुलाकात करने की भी संभावना है. जयशंकर ने ट्वीट कर कहा है, ‘ईरान के विदेश मंत्री जवाद जरीफ से मुलाकात के साथ हॉर्ट ऑफ एशिया के कार्यक्रमों की शुरुआत की. गर्मजोशी भरी बातचीत हुई, जिसमें आपसी हितों पर चर्चा हुई.

चाबहार सहित द्विपक्षीय सहयोग पर भी बातचीत हुई.’ शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक के लिए सितंबर में रूस जाते हुए जयशंकर बीच में तेहरान (ईरान की राजधानी) में रूके थे. उस दौरान भी उन्होंने जरीफ के साथ द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत बनाने और क्षेत्रीय विकास के मुद्दे पर चर्चा की थी.

तुर्की के विदेश मंत्री से भी मिले

जयशंकर ने सोमवार को ही तुर्की के विदेश मंत्री मेवलुत कावुसोग्लु से भी मुलाकात की है. मुलाकात के बाद जयशंकर ने ट्वीट किया, ‘हमारी बातचीत का केंद्र बिंदू अफगानिस्तान से जुड़ी चीजें और द्विपक्षीय संबंध रहा.’

दुशांबे में इस समय स्थायी, शांतिपूर्ण अफगानिस्तान के लिए सुरक्षा और सहयोग पर क्षेत्रीय प्रयास ‘इस्तांबुल प्रॉसेस’ के तहत नौवें हार्ट ऑफ एशिया इस्तांबुल प्रॉसेस की मंत्री स्तरीय बैठक हो रही है. इसकी शुरुआत दो नवंबर, 2011 को तुर्की से हुई थी.

अफगानिस्तान पर क्या कहा?

एस जयशंकर ने अफगानिस्तान को लेकर बीते सप्ताह कहा था कि भारत स्पष्ट रूप से ऐसा संप्रभु, लोकतांत्रिक और समावेशी अफगानिस्तान देखना चाहता है, जो अपने देश के अल्पसंख्यकों का ख्याल रखता हो.

उन्होंने कहा था, ‘शांति और मेल-मिलाप की एक प्रक्रिया होती है और सभी यह कह रहे हैं कि तालिबान प्रयास कर रहा और बदल रहा है. फिलहाल इंतजार करते हैं, फिर देखते हैं.’

पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी भी सम्मेलन में शामिल हो रहे हैं. दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के सम्मेलन में शामिल होने के कारण दोनों नेताओं के बीच मुलाकात की संभावनाओं को लेकर भी अटकलें लगाई जा रही थी.

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