कर्ज में घिरी एयर इंडिया को उबारने का रास्ता साफ: नागरिक उड्डयन मंत्री

राजू ने बताया, 'एयर इंडिया विनिवेश के लिए अभी सिर्फ इंडिगो ने ही दिलचस्पी दिखाई है

कर्ज में घिरी एयर इंडिया को उबारने का रास्ता साफ: नागरिक उड्डयन मंत्री

एयर इंडिया को बेचने की योजना फाइनल होती दिख रही है. लगभग दो दशक पहले से इसके विनिवेश की तैयारी चल रही है जो अब अपने अंतिम चरण में है. नागरिक उड्डयन मंत्री अशोक गजपति राजू ने कहा है कि इस बार के बजट से उड्डयन क्षेत्र को ‘ऋण के जाल’ से निकलने में मदद मिलेगी.

उन्होंने यह भी कहा कि इसके लिए एक विदेशी कंपनी ने एयर इंडिया की 49 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने में दिलचस्पी दिखाई है.

केंद्र सरकार 1 फरवरी को वर्ष 2018-19 का आम बजट पेश करने जा रही है. इस बजट में एयर इंडिया को लेकर कुछ फैसले लिए जाने की संभावना है.
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नागरिक उड्डयन मंत्री राजू ने विनिवेश पर लंबी बातचीत की. उन्होंने बताया कि एक विदेशी कंपनी ने इंटरनेशनल रूट वाले एयर इंडिया के विमानों को खरीदने में दिलचस्पी दिखाई है. उन्होंने एयर इंडिया के कर्ज में डूबे होने की बात भी स्वीकार की. राजू ने बताया कि जांच के दौरान पता चला है कि यह कर्ज अनुमानित 50 हजार करोड़ रुपए से भी ज्यादा है.

राजू ने बताया, ‘एयर इंडिया विनिवेश के लिए अभी सिर्फ इंडिगो ने ही दिलचस्पी दिखाई है. विनिवेश के ऐलान के दिन इंडिगो ने एक चिट्ठी के माध्यम से विदेशी उड़ानों के ऑपरेशन में अपनी दिलचस्पी जाहिर की’. वहीं, एक अन्य विदेशी उड्डयन कंपनी ने भी 49 फीसदी शेयर खरीदने की इच्छा जताई है. ऐसे में निश्चित रूप से काफी संभावनाएं हैं.

क्या विनिवेश से एयर इंडिया को कर्ज से छुटकारा मिलेगी? इस सवाल पर अशोक गजपति राजू ने कहा, ‘एयर इंडिया के कर्ज का लेखा-जोखा बताता है कि कर्ज लगभग 50 हजार करोड़ से आगे पहुंच चुका है. अगर कुल कर्ज 70 हजार करोड़ के पार हो जाए, तो इसमें कोई हैरानी की बात नहीं है.’

उन्होंने बताया कि उनकी टीम सावधानी के साथ कुल कर्जे का हिसाब लगा रही है. राजू ने कहा, “मेरे विचार से एयर इंडिया कर्ज के जाल में फंसी है. कई बार मैं इस मामले को संसद में भी उठा चुका हूं. जहां तक अकाउंट बुक की बात है, तो इसके लिए हमने कई बैठक की. इसमें यह नतीजा निकला कि इस अकाउंटिंग ईयर में हमारे डिविडेंड के लिए कुछ चीजें सुलझ गई हैं. अगले अकाउंटिंग ईयर में हमें आगे की संभावनाएं देखने की जरूरत है.

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कुछ रीजनल एयर कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए कुछ क्षेत्रीय कंपनियां भी आगे आई हैं. मैंने एविएशन ट्रिब्यूनल फ्यूल (ATF) की दरें घटाने को लेकर कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों के सामने प्रस्ताव रखा था. लेकिन, इनमें से ज्यादातर मुख्यमंत्री इसे लेकर दुविधा में थे.

बता दें कि इस बार संसद का बजट सत्र 29 जनवरी से 9 फरवरी तक बुलाया गया है. 29 जनवरी को सरकार आर्थिक समीक्षा पेश करेगी. 1 फरवरी को केंद्रीय बजट रखा जाएगा. बजट पर 9 फरवरी तक चर्चा होगी. बजट सत्र का दूसरा हिस्सा 6 मार्च से बुलाया जाएगा.

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