जंगली हाथियों से निपटने अब वन विभाग ने मांगी पुलिस से मदद

रायपुर

जंगली हाथियों से निपटने के लिए वन विभाग ने राज्य पुलिस से मदद मांगी है। उनके दलों की निगरानी करने और मूवमेंट की सूचनाए देने का अनुरोध किया है।

वन विभाग ने सरगुजा पुलिस महानिरीक्षक को पत्र लिखा है। साथ ही उन्हे स्थानीय नागरिकों को हाथियों से दूरी रखने और नुकसान पहुंचाने वाले के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने कहा गया है। बताया जाता है कि लगातार वन्य प्राणियों और मानव के बीच बढ़ द्ंद को देखते हुए इसकी पहल की गई है।

विभागीय को अफसरों को सूचनाओं पर तुरंत एक्शन लेने की हिदायत दी गई है। ज्ञात हो कि पिछले काफी समय से हाथियों का दल जंगलों के बाहर निकलकर रिहायशी इलाकों की ओर रूख कर रहा है। पहले सरगुजा, जशपुर, रायगढ़ और कोरबा वनमंडल में उन्हें देखा जाता था। लेकिन, अब वह महासमुंद, बलौदाबाजार व रायपुर से लगे ग्रामीण क्षेत्रों की ओर आने लगे हैं।

इसलिए जरूरत पड़ी

ग्रामीण अक्सर किसी भी तरह की वारदात और परेशानी होने पर पुलिस को 100 पर सूचनाएं देते है। यह नंबर आसान होने और तुरंत रिस्पांस मिलने पर लोग फोन करते है। वहीं वन विभाग ने अब तक ऐसा कोई टोलफ्री नंबर नहीं बनाया है।

जिसके बारे में आम लोगों को इसकी जानकारी हो और वह इसका उपयोग कर सके। इसे देखते हुए वह पुलिस को सीधे फोन करते है। उनसे सूचनाओं को एकत्रित करने वन विभाग ने पुलिस महकमे से मदद मांगी है। ताकि समय रहते वह संबंधित क्षेत्र में मुनादी कर ग्रामीणों के जानमाल की सुरक्षा करने उन्हें अलर्ट कर सके।

इतने लोगों की मौत

वन विभाग के आकड़ो के अनुसार 2005 से 2017 के बीच 103 हाथियों की मौत हुई है। वहीं 2013 से अब तक करीब 2015 ग्रामीणों की कुचलने से मौत हुई है। इस दौरान 32952.891 हेक्टेयर से अधिक फसलों का नुकसान किया गया था।

वहीं हाथी अब भी ग्रामीणों के साथ ही फसलों को नुकसान पहुंचा रहे है। ज्ञात हो कि रविवार को कोरिया जिले के बैकुंठपुर स्थित ग्राम पंचायत सालबा के मेको गांव में खेतों की रखवाली कर रहे देवकुमार की हाथियों ने कुचलकर मार डाला था। बताया जाता है कि उसने हाथियों को भगाने के लिए पटाखा फोड़ा। इससे हाथी उत्तेजित हो गए थे।

मदद लेंगे

एलीफेंट प्रोजेक्ट प्रभारी केके बिसेन ने बताया कि हाथियों और मानव के द्ंद को समाप्त करने वन विभाग सेतू का काम कर रहा है। उनके जानमाल की रक्षा करने और नुकसान से बचाने के लिए पुलिस से मदद मांगी गई है।

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