वन विभाग महंगे दर पर बड़ा पौधा खरीदने फिर कर रहा तैयारी : कांग्रेस

रायपुर: कांग्रेस प्रवक्ता मो. असलम ने कहा कि, हरियाली प्रसार योजना के अंतर्गत वन विभाग ने वर्ष 2015-16 में 9-10 फीट का बड़ा पौधा वृक्षारोपण के तहत लगाया था। वह अब 7-8 फीट का हो गया है, जितनी संख्या में पौधे लगाए गए थे उतनी तो मौके पर नहीं है पर एक वर्ष में बढने की बजाए पौधा घट कैसे गया यह आश्चर्यजनक है? दरअसल नर्सरी से ही पांच वर्षों में तैयार किया हुआ बड़ा पौधा लाया गया था ताकि उसे रोपण पश्चात बड़ा करने में विलंब न हो, पर नया रायपुर सहित जिले के अन्य क्षेत्रों में रोपित पौधों का निरीक्षण किया जाए तो वह 2 फीट छोटा हो गया है।
गत वर्ष बड़े पौधों को अन्य राज्यों की नर्सरी से वन्य विभाग द्वारा खरीदा गया था। महंगे दर पर बड़ा पौधा लाने की आड़ में बड़ा खेल किया गया था और उसे 8-10 फीट का होना बताया गया था जबकि वह 5-6 फीट का ही पौधा था अब बढ़कर वह 7-8 फीट का हो गया।
कांग्रेस प्रवक्ता मो. असलम ने कहा कि इस वर्ष भी बड़ा पौधा बाहर से मंगाकर पौधारोपण की तैयारी प्रारंभ हो गई है। करोड़ों की संख्या में पौधा रोपित किया जाना है। वन विभाग की नर्सरी में बड़ा पौधा सीमित संख्या में है फलस्वरूप अन्य राज्यों तथा निजी नर्सरियों से पौधा खरीदी का सिलसिला चलने वाला है। 250 रुपए प्रति बड़ा पौधा खरीदने की तैयारी की जा रही है। क्या इस साल भी बड़ा पौधा खरीदने की आड़ में बड़ा सौदा तो नहीं होने वाला है? वन विभाग एवं सरकार को क्या योजनाबद्ध तरीके से स्वयं की नर्सरी में पर्याप्त पौधा तैयार नहीं करना चाहिए। बड़ा पौधा तैयार करने और खरीदी करने से बचने के लिए विभाग के पास पर्याप्त साधन है फिर हर वर्ष पौधा खरीदने का क्या औचित्य है? इस वर्ष सरकार ने 10 करोड़ पौधा लगाने का लक्ष्य रखा है, तब इसकी तैयारी क्यों नहीं की गई? अन्य राज्यों की नर्सरी से महंगे दर पर पौधा लाने का खेल कब तक चलता रहेगा? कांग्रेस ने इसे सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन में विफलता बताया है।

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