कारिमाटी में बना वन विभाग का तालाब गुणवत्ता के साथ सुंदरता का प्रतीक, ग्रामीणों ने कहा-विभाग का यह कार्य बेहद सराहनीय

अरविन्द शर्मा:

कटघोरा:वनमंडल के अधीनस्थ वन परिक्षेत्रो में अनेकों सराहनीय कार्य हुए हैं जिनमे वनपरिक्षेञ जड़गा के अंतर्गत ग्राम कारिमाटी में बना तालाब सुंदरता के साथ गुणवत्ता की मिसाल पेश कर रहा है।चारो दिशाओं से घने वनों से घिरा यह तालाब अपने आप मे सौंदर्यता की बड़ी मिशाल है जिसका नजारा देखते ही बनता है।

कटघोरा वनमंडल इन दिनों भ्रष्टाचार के कारनामो से विख्यात है।ऐसा हम नही कह रहे ,ये तो विभाग को लेकर आये दिन सुनाई देती अनगर्ल चर्चाये बया कर रही हैं,जो विभाग के सराहनीय कार्यो को भी भ्रष्ट कार्यो का तमगा पहनाकर विभाग को कलंकित कर रहे है, दरअसल कटघोरा वनमंडल में डीएफओ शमा फारूकी की शिरकत से वनमंडल की कुत्सित कार्यशैली में जमकर प्रभाव देखने को मिला है।लिहाजा इनके कार्यकाल मे भ्रष्ट कार्य प्रभावशील नही हो पा रहे हैं।

पुरानी कहावत है, “कौवा कान ले गया” कहने का तातपर्य है कि ऐसी अनगर्ल खबरों के पीछे नही जाया जा सकता जो बिना तथ्यों पर आधारित होती है। कटघोरा वनमंडल के अधीनस्थ वनपरिक्षेञ जड़गा के अंतर्गत ग्राम कारिमाटी में विभाग द्वारा तालाब निर्माण कार्य कराया गया है जो कि अपनी भव्य सुंदरता को प्रदर्शित कर रहा है।चारो तरफ ऊँचे पर्वतनुमा घने वनों से घिरा यह तालाब वन्यप्राणियों सहित स्थानीय नियासियो के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि वन विभाग द्वारा जो तालाब निर्माण कराया गया है वह ग्रामीणों की सहमति व मांग पर बनाया गया है।इस तालाब निर्माण में हम ग्रामीणों ने अथक परिश्रम किया है और विभाग से रोजगार प्राप्त कर मजदूरी भी अर्जित की है।जिस स्थान पर यह तालाब बनाया गया है वहाँ पूर्व में कोई तालाब नही था बल्कि खेत नुमा स्थान मौजूद था जिस पर वनपरिक्षेञ जड़गा द्वारा तालाब निर्माणकार्य कराया गया है।तालाब निर्माण से ग्रामीणों को रोजगार सहित भरपूर मात्रा में पानी भी उपलब्ध हो रहा है जो कि ग्रामीणों व वन्यप्राणियों के उपयोग हेतु कारगर साबित हो रहा है।

ग्रामीणों की माने तो इस निर्माण कार्य मे किसी भी तरह से मशीनरी का उपयोग नही किया है और न ही वन के पेड़ों को क्षति (नुकसान) पहुँचाया गया है।तालाब निर्माण हो जाने से ग्रामीणों को भरपूर लाभ मिल रहा है।ग्रामीणों ने आगे बताया कि कारिमाटी में तालाब बन जाने से पानी का समस्या दूर होगी जिससे वन्यप्राणियों सहित ग्रामवासियों को लाभ मिलेगा।वन विभाग का यह कार्य बहुत ही सराहनीय है।

गौरतलब है कि कटघोरा वनमंडल के अधीनस्थ वनपरिक्षेञ जड़गा को लेकर कुछ अनगर्ल चर्चाएं भी सामने आती रही है पिछले दिनों वनपरिक्षेञ जड़गा के अंतर्गत ग्राम कारिमाटी में बने तालाब को लेकर भी कुछ चर्चाए आम हो चली थी जिसमे बताया गया था कि जड़गा वनपरिक्षेत्राधिकारि द्वारा जंगल के प्राकृतिक नाले पर पूर्व से निर्मित तालाब को ही जेबीसी मशीन के जरिये खोदाई कराते हुए मेढ़ में नई मिट्टी डालकर और भीतर की ओर आधे अधूरे पिचिंग कार्य कराकर नए तालाब का रूप दे दिया गया है और इस कार्य में स्थानीय मजदूरों को भी नियोजित नही किया है तथा जेसीबी से खोदाई कराया गया है इस दौरान दर्जनों हरे भरे पेड़ो की बलि चढ़ा दी गई है तथा मशीन की चपेट में धरासायी उन पेड़ो को कुछ दूर जंगल मे फेक दिया गया। आखिर इन बातों में कितनी सच्चाई है यह तो कारिमाटी के उन ग्रामीणों ने बया कर दिया जो विभाग के इस कार्य को सराहनीय बता रहे हैं और तालाब निर्माण हो जाने से गाँव मे पानी का समस्या दूर होगी कह रहे हैं।यह तालाब गर्मी के दिनों में पालतू मवेशियों सहित वन्यप्राणियों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होगा।

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