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संबोधन के दौरान अपने कांग्रेस प्रत्याशी का नाम भूले तेजस्वी, जाने फिर क्या हुआ

सभा में तेजस्वी यादव ने विपक्ष पर जमकर हमला बोला

पटना: बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कैमूर जिले के चैनपुर विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में लोगों से वोट करने का अपील करने पहुंचे तेजस्वी यादव मंच से संबोधन के दौरान अपने कांग्रेस प्रत्याशी का नाम भूल गए और दूसरे व्यक्ति का नाम अनाउंस कर दिया. लोगों ने उन्हें प्रत्याशी का बताया नाम.

वहीं सभा में तेजस्वी यादव ने विपक्ष पर जमकर हमला बोला. तेजस्वी यादव ने जनसभा के दौरान कहा 15 साल से डबल इंजन की सरकार बिहार में है. लेकिन विशेष राज्य का दर्जा नहीं दिला पाए. अभी भी पलायन हो रहा है, गरीबी दूर नहीं हुई, बेरोजगारी दूर नहीं हुई. 15 साल में बेरोजगारी गरीबी किसी भी क्षेत्र में एक काम भी ढंग से नहीं किया.

बिहार से बड़ी तादाद में अच्छी शिक्षा पाने के लिए लोग दूसरे प्रदेश जा रहे हैं. रोजी, रोटी, और मजदूरी के लिए दूसरे प्रदेश में जा रहे हैं. यहां तक कि इलाज के लिए दूसरे प्रदेश में जा रहे हैं. शिक्षा पूरी तरह चौपट है, अस्पताल का जो हाल है आप से बेहतर कोई नहीं जानता.

बिहार के अंदर अरबों खरबों रुपया बहाया जा रहा है, जिसे सिर्फ घोटने का काम चल रहा है. यह पहाड़ी इलाका है सिंचाई की दिक्कत होती है खेती बाड़ी करने में. बिहार में लगभग साठ-साठ बड़े घोटाले हुए.

बिहार में लगभग 30 हजार करोड़ रुपए का बंदरबांट हुआ, भ्रष्टाचार हुआ, लेकिन किसी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई. हम नौजवान हैं नए सोच के हैं नया बिहार बनाना है, हर एक जात के लोग, हर वर्ग के लोगों को साथ लेकर चलेंगे. तरक्की की बात होनी चाहिए, काम की बात और मुद्दे की बात होनी चाहिए.

तेजस्वी यादव ने कहा कि नवरात्र चल रहा है. हम सब लोगों को शुभकामना देते हैं. हमने कलश बैठाया है और हमने संकल्प लिया है कि अगर आपने मौका दिया तो सरकार बनते ही पहला हस्ताक्षर से दस लाख नौजवानों को सरकारी नौकरी देने का काम करेंगे. यहां पर इतने लोग हैं आप लोग बताइए कि कितने यहां पर अभी बेरोजगार हैं हाथ उठाकर बताइए जरा रोजगार मिलना चाहिए कि नहीं, साढ़े चार लाख रोजगार अभी खाली पड़ा है.

कमी को पूरा करने के लिए अभी तुरंत रोजगार होना चाहिए था. इसके अलावा साढे पांच लाख और रोजगार बाकी है. लोग पूछते हैं कहां से दीजिएगा 10 लाख सरकारी नौकरी. बिहार सरकार का बजट दो लाख 13 हजार करोड़ का है.

बिहार सरकार अपने बजट का केवल 60 फ़ीसदी पैसा हिं खर्च कर पाती है. बजट का 40 फ़ीसदी पैसा खर्च नहीं करती है, 80 हजार करोड़ रुपया अभी बच जाता है. जो पैसा सरकार खर्च नहीं करती उससे 10 लाख रोजगार की बात करें तो उस पर सिर्फ पचास हजार करोड रुपए ही खर्च होंगे. फिर भी बजट का शेष रुपया बच ही जाता है.

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