पूर्व क्रिकेटर मार्टिन की पत्नी ने बीसीए से लगाई मदद की गुहार, वेंटीलेंटर पर हैं मार्टिन

आम प्रशंसकों की नजर में क्रिकेटरों की दुनिया पैसों और शोहरत से भरपूर होती है

पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर और अपने जमाने के ख्यात बल्लेबाज जैकब मार्टिन एक सड़क दुर्घटना के बाद स्थानीय एक अस्पताल में मौत से जूझ रहे हैं।

वे वेंटीलेंटर पर हैं और उनके परिवार के पास इलाज के लिए पैसे तक नहीं हैं। मार्टिन की पत्नी ने अब बड़ौदा क्रिकेट एसोसिएशन (बीसीए) से मदद की गुहार लगाई है।

आम प्रशंसकों की नजर में क्रिकेटरों की दुनिया पैसों और शोहरत से भरपूर होती है जबकि वास्तविकता कुछ और ही है। इसका ताजा उदाहरण हैं पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर मार्टिन।

बीते दिनों मोटर साइकल पर जाते समय उन्हें किसी वाहन ने टक्कर मार दी थी। इसके बाद गंभीर रूप से घायल होने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया था।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर यूसुफ पठान ने जब मार्टिन की तस्वीर सोशल मीडिया में पोस्ट की, तब लोगों को पता चला कि उन्हें गंभीर चोट आई है।

मार्टिन की पत्नी ख्याति ने बताया कि उन्हें अस्पताल का 7.5 लाख रुपए का बिल भरना हैं, लेकिन उनके पास इतने पैसे नहीं हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि बीसीए भी उनकी कोई मदद नहीं कर रहा हैं। दुर्घटना होने के बाद उन्हें बीसीए के पदाधिकारियों ने 5 लाख रुपए की मदद का आश्वासन दिया था लेकिन अभी तक एक पैसे की मदद नहीं पहुंचाई गई।

अस्पताल ने उन्हें जल्द से जल्द भुगतान करने को कहा है नहीं तो मुश्किल हो सकती है। ख्याति ने कहा कि बीसीए के पूर्व सचिव संजय पटेल और पूर्व प्रमुख समरजीतसिंह गायकवाड़ से भी मदद मांगी थी।

मालूम हो कि बडौदा के पूर्व क्रिकेटर मार्टिन ने 90 के दशक में भारतीय टीम के लिए 10 वन-डे अंतरराष्ट्रीय मैच खेले थे। मार्टिन की गिनती उस दौर के अच्छे ऑलराउंडर में होती थी।

इसके अलावा प्रथम श्रेणी क्रिकेट में भी वह 100 से ज्यादा मैच खेल चुके हैं। क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद वह बड़ौदा टीम के कोच भी रहे हैं।

हम मार्टिन के संपर्क में हैं और उनके अस्पताल के बिल की मांग कर रहे हैं, जिससे उनकी मदद की जा सके लेकिन अभी तक हमें बिल मुहैया नहीं कराया गया है।

पारीख ने कहा-पूर्व खिलाड़ियों की मदद करने की एक पूरी प्रक्रिया है, जिसका पालन करना जरूरी है।

मार्टिन के इलाज के लिए बीसीसीआई की ओर से पांच लाख रुपए की मंजूरी दी गई है और हम बिल मिलते ही अस्पताल में यह रकम जमा कर दी जाएगी।

हमने मदद का आश्वासन दिया था और वह पूरी की जाएगी।

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