पूर्व भारतीय क्रिकेटर नरेंद्र हिरवानी ने बनाया था 31 साल पहले ये विश्व रिकॉर्ड

उन्होंने इसी के साथ थऑस्ट्रेलिया के बॉब मैसी का वर्ल्ड रिकॉर्ड ध्वस्त किया था।

पूर्व भारतीय क्रिकेटर नरेंद्र हिरवानी के जीवन में 15 जनवरी का विशेष महत्व है। 31 वर्ष पूर्व अपने टेस्ट डेब्यू में मध्यप्रदेश के इस लेग स्पिनर ने मद्रास (चेन्नई) में जो विश्व रिकॉर्ड बनाया था वो अभी भी कायम हैं।

हिरवानी के नाम पर डेब्यू टेस्ट मैच में सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन का वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज है।

हिरवानी ने जनवरी 1988 में मद्रास (चेन्नई) टेस्ट मैच में कुल 33.5 ओवर गेंदबाजी कर 136 रन देते हुए 16 विकेट लिए थे।

उन्होंने इसी के साथ थऑस्ट्रेलिया के बॉब मैसी का वर्ल्ड रिकॉर्ड ध्वस्त किया था। मैसी ने जून 1972 में इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में अपने डेब्यू टेस्ट में 60.1 ओवरों में 137 रन देकर 16 विकेट लिए थे।

हिरवानी का यह रिकॉर्ड अभी तक कोई तोड़ नहीं पाया है। 1988 की इस सीरीज में भारत को वेस्टइंडीज के हाथों पहले टेस्ट मैच में हार मिली थी और दूसरे टेस्ट के लिए हिरवानी को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया।

11 जनवरी से शुरू हुए इस दूसरे टेस्ट मैच में भारत ने कपिलदेव के शतक (109) की मदद से पहली पारी में 382 रन बनाए।

इसके जवाब में भारत की पहली पारी 184 रनों पर सिमट गई। अपना पहला टेस्ट खेल रहे हिरवानी ने 18.3 ओवरों में खतरनाक गेंदबाजी कर 61 रनों पर 8 विकेट लिए।

विवियन रिचर्ड्स ने 68 रन बनाए। भारत ने दूसरी पारी 8 विकेट पर 217 रन बनाकर घोषित की और कैरेबियाई टीम के सामने जीत के लिए 415 रनों का कठिन लक्ष्य रखा।

वेस्टइंडीज की दूसरी पारी भी हिरवानी के सामने टिक नहीं पाई और उनके मायाजाल में उलझकर मेहमानों की दूसरी पारी 160 रनों पर ढेर हो गई।

15 जनवरी को मैच के अंतिम दिन हिरवानी ने विंस्टन डेविस के रूप में अपना आठवां विकेट लेकर कीर्तिमान बनाया था।

उन्होंने दूसरी पारी में 75 रनों पर 8 शिकार किए। इस तरह भारत ने यह मैच 255 रनों से जीतकर पांच मैचों की सीरीज में 1-1 की बराबरी की था।

इस वजह से भी खास था यह टेस्ट मैच :

1988 की सीरीज का यह मैच इसलिए भी खास था क्योंकि इस मैच में तीन भारतीय खिलाड़ियों ने टेस्ट डेब्यू किया था।

हिरवानी के अलावा डब्ल्यूवी रमन और अजय शर्मा ने डेब्यू किया था। वेस्टइंडीज की तरफ से फिल सिमंस ने इस मैच में टेस्ट पदार्पण किया था। डब्ल्यूवी रमन पिछले ही दिनों भारतीय महिला टीम के कोच बने हैं।

ज्यादा लंबा नहीं चला हिरवानी का करियर :

हिरवानी का करियर ज्यादा लंबा नहीं चल पाया। उन्होंने 17 टेस्ट मैचों में 30.10 की औसत से 66 विकेट लिए।

उन्होंने 18 वनडे में भारत का प्रतिनिधित्व कर 31.26 की औसत से 23 विकेट झटके थे। क्रिकेट से संन्यास के बाद हिरवानी राष्ट्रीय सिलेक्टर भी रहे।

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