हार के कारणों को खोज रहे पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल

अंकित मिंज

बिलासपुर।

चुनाव प्रबंधन के मास्टर माने जाने वाले प्रदेश के कद्दावर नेता व पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल अपनी हार को लेकर लगातार समीक्षा कर जानने का प्रयास कर रहे हैं कि इतना बांटने और संगठनों को खड़ा करने के बाद आखिर उनकी हार क्यों हुई।

विधानसभा चुनाव में मिली पराजय के बाद पूर्व मंत्री मंडलवार समीक्षा कर अपनी स्थिति का आंकलन करने में लगे हैं कि आखिर हार की वजह क्या है? बुधवार को उन्होंने मध्य एवं पूर्वी मंडल और जोन प्रभारियों से उनके मंडल और जोन तथा चुनाव कमेटी के सदस्यों के साथ बैठकर बूथवार हिसाब-किताब कर जानकारी ली।

कि किस बूथ में कितने वोटर हैं उनमें से कितने वोट उन्हें मिले हैं। उस बूथ में पार्टी और संगठन के कौन-कौन पदाधिकारी हैं और किन-किन लोगों के ऊपर वहां की जिम्मेदारी रही है। लगातार हिसाब.किताब के बाद भी समझ में नहीं आ रहा है कि इतना बांटने और काम करने के बाद आखिर ये स्थिति क्यों निर्मित हुई।

गुरुवार को उत्तर व रेलवे मंडल की बैठक आयोजित की गई है। मोबाइल वितरण का भी नहीं मिला लाभ मंत्री ने इस बात की तस्दीक के लिए मोबाइल वितरण की सूची का भी लेखाजोखा देखा कि कहीं मोबाइल वितरण में पक्षपात के कारण तो ये स्थिति निर्मित नहीं हुई।

चुनाव के ठीक पहले बीपीएल परिवारों और छात्र.छात्राओं को स्काई संचार क्रांति योजना के तहत समारोह पूर्वक स्मार्ट फोन का वितरण विकास यात्रा के दौरान और उसके बाद किया गया था।

पुजारी-ठेले वालों की सूची का किया। मिलान चुनाव के ठीक पहले मंत्री ने पुजारियों और पान कारोबारियों का सम्मेलन आयोजित कर उन्हें भी चेक का वितरण किया था।

इसके लिए बकायदा पूर्व में सर्वे कराकर सूची तैयार की गई थी जिसके आधार पर समारोह पूर्वक चेक का वितरण किया गया था। महिला वोटर. मंत्री ने महिला वोटरों को साधने के लिए बिलासपुर विधानसभा क्षेत्र में स्वसहायता समूहों का गठन कराकर उन्हें सक्रिय किया और लगभग सभी समूहों को विभिन्न योजनाओं के तहत लाभान्वित भी किया।

शहरी क्षेत्र में 1000 महिला स्वसहायता समूह हैं। प्रत्येक समूह में एक हेड समेत न्यूनतम 10 कार्यकर्ता हैं। इसी तरह 270 मितानिन समूह हैं एक समूह में एक हेड और आरोग्य समिति के न्यूनतम 10-10समूह है।

वार्डोँ में 10-10 समितियां ऐन चुनाव के पहले पूर्व मंत्री ने तय रणनीति के तहत वार्डों में खेल एवं युवा समिति, वृद्धजन समिति, सांस्कृतिक समिति समेत 10-10 समितियो का गठन कराकर उनके लिए सुविधाएं मुहैया कराने का आश्वासन तथा चेक का वितरण किया था।

बूथ एवं पन्ना मैनेजमेंट केंद्रीय और प्रदेश संगठन नेतृत्व के निर्देश पर यहां भी उन्होंने बूथ एवं पन्ना मैनेजमेंट पर पूरा फोAकस किया था इसके बावजूद विपरीत परिणाम आने को लेकर भी वे लेखाजोखा परख रहे हैं।

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