पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू लापता, लगाए गए पोस्टर

पोस्टर लगाने से पहले पटियाला स्थिति उनके पुश्तैनी घर में भी ऐसे ही पोस्टर लगाए गए थे

जालंधर:पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार में सबकुछ सही नहीं चल रहा है. पंजाब कांग्रेस के कद्दावर नेता और मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू दिल्ली में हाईकमान के नेताओं से मिल रहे हैं. उधर पंजाब के अमृतसर में नवजोत सिंह सिद्धू की गुमशुदगी के पोस्टर लगाए गए हैं.

सलिए उनके विधानसभा क्षेत्र में लापता होने के पोस्टर लगाए गए हैं. सिद्धू ने अमृतसर (पूर्व) से विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीता था इसलिए उनके क्षेत्र में सैकड़ों की संख्या में ऐसे पोस्टर लगाए गए हैं. ऐसे पोस्टर लगाने से पहले पटियाला स्थिति उनके पुश्तैनी घर में भी ऐसे ही पोस्टर लगाए गए थे.

सिद्धू को लापता बताने वाले इन पोस्टरों में दावा किया गया है कि उन्हें ढूंढने वाले को पचास हजार रुपए का इनाम दिया जाएगा. ये पोस्टर शहीद बाबा दीप सिंह सेवा सोसाइटी नाम के एक एनजीओ ने ‘गुमशुदा दी तलाश’ शीर्षक से लगाए हैं. सिद्धू जब अमृतसर से सांसद थे तब भी ऐसे ही पोस्टर लगाए गए थे.

बताया जाता है कि सिद्धू अपने विधानसभा क्षेत्र में बहुत कम आते हैं. पोस्टर लगाने वाले एनजीओ का कहना है कि कांग्रेस नेता अपने ही क्षेत्र में नहीं आते हैं. इसलिए लोग उन्हें तलाश कर रहे हैं ताकि वो अपना वादा पूरा कर सकें.

दरअसल सिद्धू ने जौड़ा फाटक रेल हादसे के बाद रसूलपुर कलर क्षेत्र को गोद लेने की बात कही थी. इस क्षेत्र के लोग ही ट्रेन हादसे में मारे गए थे. हादसे में अपने परिवार के सदस्यों को खोने वाले एक शख्स ने कहा कि तत्कालीन कैबिनेट मंत्री और उनकी पत्नी नवजोत कौर ने दुर्घटना में मारे गए लोगों के परिवार के पात्र सदस्यों को नौकरी प्रदान करने के लिए वादा किया था. इस संबंध में रेलवे ने कहा था कि वह इस त्रासदी के लिए जिम्मेदार नहीं है. मालूम हो कि साल 2018 में दशहरा समारोह देख रहे दर्जनों लोग रेल हादसे का शिकार हो गए थे.

इधर प्रदेश कांग्रेस नेताओं ने बताया कि सिद्धू और उनकी पत्नी नवजोत कौर पिछले तीन-चार महीनों से मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के गृह निर्वाचन क्षेत्र पटियाला में पूर्व के पैतृक घर में रह रहे हैं. उनकी बेटी कथित तौर पर अमृतसर स्थित आवास में अकेली रह रही है.

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