सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज एके गोयल को NGT का अध्यक्ष नियुक्त करने से गलत संदेश गया: LJP

बिहार में भाजपा की प्रमुख सहयोगी लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) ने कहा है कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण के अध्यक्ष आदर्श कुमार गोयल को बर्खास्त किया जाना चाहिए,क्योंकि वह सुप्रीम कोर्ट की उस पीठ का हिस्सा थे जिसने दलितों और आदिवासियों पर अत्याचारों को रोकने के लिए बने कानून के प्रावधानों को कथित तौर पर कमजोर किया था.

नरेंद्र मोदी नीत केंद्र सरकार में कैबिनेट मंत्री रामविलास पासवान के बेटे और एलजेपी नेता चिराग पासवान ने कहा कि गोयल को तुरंत बर्खास्त किया जाना चाहिए तथा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार रोकथाम) अधिनियम के वास्तविक प्रावधानों को बहाल किया जाना चाहिए. उन्होंने चेताया कि अगर ऐसा नहीं किया गया तो नौ अगस्त को दलित संगठनों का राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन दो अप्रैल को हुए आंदोलन से भी ज्यादा तीव्र हो सकता है.

चिराग पासवान ने कहा

शीर्ष अदालत से सेवानिवृत्त होने के बाद गोयल को एनजीटी का अध्यक्ष नियुक्त करने से गलत संदेश गया है और इससे दलित समुदाय क्षुब्ध हुआ है.एलजेपी नेता ने कहा कि दलित संगठनों को शांत करने के लिए सरकार को नौ अगस्त से पहले संसद में नया विधेयक लाकर या अध्यादेश के जरिए कानून के वास्तविक प्रावधानों को बहाल करने के लिए कदम उठाने चाहिए. सोमवार को यहां दलित सांसदों की एक बैठक में एलजेपी अध्यक्ष रामविलास पासवान ने कहा कि गोयल की नियुक्ति से गलत संदेश गया है.


दो अप्रैल को हुआ था भारत बंद

दो अप्रैल को भारत बंद के दौरान हुए प्रदर्शन देश के कई स्थानों पर हिंसक हो गए थे. इनमें कई लोगों की मौत हो गई थी और संपत्ति को भी काफी नुकसान हुआ था. अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति अधिनियम के दुरुपयोग पर अपनी चिंता जताते हुए उच्चतम न्यायालय ने मार्च में एक आदेश दिया था और बचाव के कई उपाय दिए थे . दलित संगठनों और कई राजनीतिक दलों का कहना है कि इस फैसले से कानून कमजोर हुआ है.

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