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दस हजार चिठ्ठियों में से मिला जीवन साथी

ये खत दोनों की जिंदगी बदल देता है

नई दिल्ली। आपने रियल लाइफ पर फिल्में बनती देखी होंगी पर फिल्म की कहानी पर किसी जिंदगी सच्ची हो जाये ये नहीं सुना होगा तो मिलिए एक कहानी जैसे जोड़े से। हॉलीवुड फिल्म की कहानी या हकीकत एक फिल्म थी ‘स्लीप लेस इनसेटल’ इस फिल्म में नायक की पत्नी का देहांत हो जाता है और उसका बेटा उसके अपनी पत्नी के साथ गुजारे लम्हों को साझा करने वाले एक टॉकशो में शामिल होने भेजता है। जिस शो को फिल्म की नायिका सुनती हैऔर खत लिखती है। ये खत दोनों की जिंदगी बदल देता है।

वो एक दूसरे के प्यार में पड़ जाते है और शादी कर लेते हैं। इस कहानी को हकीकत में बदल दिया जिम और रीटा स्वार्टिंग ने, जो अब अपनी शादी की 25वीं साल गिरह मनाने की तैयारी कर रहे हैं। ओपेरा विनफ्रे के शो से हुई शुरूआत हॉलीवुड के मशहूर टॉक शोजिसे, ओपेरा विनफ्रे होसट करती हैं, में भाग लेने पहुंचे जिम स्वार्टिंग पांच विधुर लोगों में से एक थे। फिल्म’स्लीपलेस इन सेटल’ की रिलीज के कुछ दिन बाद ही शो प्रस्तुत किया गया जिसमें प्रतिभागियों से उनकी पूर्व पत्नी के बारे में बात की गई थी। इस शो को रीटा ने कैलिर्फोनिया में अपन ेघर पर सुना। वो जिम के अपनी पूर्व पत्नी के बारे बताने के तरीके और उनकी भावनाओं से बेहद प्रभावित हुईं। इसके बाद उन्होंने अपनी एक सबसे ताजी तस्वीर एक खत के साथ उन्हें भेज दी।

10 हजार खतों में से छांटा रीटा का खत

इस शो के बाद जिम को लगभग 10000 खत मिले और उन्हें देखने के भी उन्होंने एक महिला मित्र भी बनाई पर दोनों का साथ नहीं चल सका। इसके बाद उन्होंने तय किया कि वे उन खतों को पढ़ेंगे। इससे पहले कि वे कोई खत उठाते रीटा का खत अपने आप उनके कंप्युटर की बोर्ड पर गिर पड़ा, उन्होंने उसे उठा कर रखा पर वो फिर से उनके सामने आ गया। इसे एक दैवीय इशारा मानते हुए उन्होंने खत को खोल लिया। फिल्म में भी ऐसा ही कुछ होता है। इसके बाद जिम और रीटा मिले, कुछ मुलाकातों के बाद उन्होंने उसे प्रपोज किया और शादी का फैसला कर लिया।

पूरे हो जायेंगे 25 साल

जिस दिन शो के बाद दोनों की पहचान हुई उसके प्रसारण पहली सालगिरह पर 4 नवंबर 1994 को दोनों ने शादी करली और अब 2019 के 4 नवंबर को उनकी शादी के 25 साल पूरे हो जायेंगे। हालांकि फिल्म की कहानी जैसी अपनी शादी को रीटा पूरी तरह से फिल्मी नहीं मानती हैं, क्योंकि इसमें अच्छे बुरे सभी दौर आये, पर अब जब वे माता पिता ही नहीं दादा दादी भी हैं ये महसूस करते हैं कि ये रिश्ता बेहद खूबसूरत बना रहा और वे इतनी दूर तक साथ आ गए क्योंकि उनका प्यार सच्चा था।

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