छत्तीसगढ़

वन्य प्राणी का शिकार करते चार पकड़ाए

दिनेश मानिकपुरी

बलौदा बाजार/भाठापारा। बलौदा बाजार से कुछ ही किलोमीटर दूरी पर स्थित वन परिक्षेत्र अर्जुनी में पिछले दिनो 1 दिसंबर की सुबह लगभग 11 बजे सराईपाली परिसर के कक्ष क्रमांक 341 में वन विभाग की टीम गस्त के लिए निकले हुए थे। तभी उनको अचानक कुछ आवाज सुनाई दी तो देखा कि कुछ जानवर है।

वन अमला की टीम को देख कर भागने लगे और झाड़ी में जाकर छिप गए। फिर वापस वन अमला की टीम जहां से लोग भागे थे घटनास्थल जाकर देखा तो वहां पर एक वन्य प्राणी मृत गौर पढ़ा था।

मृत गौर के शरीर का मुआयना किया तो विद्युत करंट से मृत होना पाया गया। जहां मृत गौर की शरीर में 1 फुट लंबा 4 इंच चौड़ा 2 इंच गहरा घाव हो गया था अज्ञात शिकारियों द्वारा मृत गौर की शरीर को आधी चमड़ी को निकाल और पिछले बाया जांग व कूल्हे की मांस को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट कर लगभग 20 से 25 किलो पास के ही जंगल के हरे पेड़ पौधे को बिछाकर रखा गया था।

घटनास्थल के जगह को वन अमला द्वारा खोजबीन किया तो एक मोबाइल जिओ फोन प्लास्टिक बोरी खाली थैला मिला और वन विभाग द्वारा जप्त किया गया वहीं मृत गौर को शासकीय पशु चिकित्सक हंसुआ के द्वारा पोस्टमार्टम कर शव को वन परिक्षेत्र अर्जुन में जलाया गया।

अपराधियों को पकड़ने के लिए टीमों को गठित कर आरोपियों को पकड़ लिया गया। आरोपी जय सिंह, साधराम, संतराम को पूछताछ किया तो बताया कि विद्युत करंट फैलाकर मारने का जुर्म स्वीकार किया गया

करंट फलाने के उपयोग में पतला सेटरिंग तार 3 बंडल वजन 4 किलोग्राम मृत गौर मांस काटने के उपयोग किए गए 3 नग लोहे की छुरी धार करने का औजार दो खाली प्लास्टिक बोरी दो खाली प्लास्टिक थैला और पॉलीथिन जब्त कर लिया गया।

आरोपी साधराम गाढ़ा के घर से उपयोग में किए गए कुल्हाड़ी जब तक किया आरोपियों के खिलाफ वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 9, 50, 51, 52 के तहत दर्ज कर पी ओ आर क्रमांक 13259/11 किया गया ।

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