फोरलेन सड़कों पर बनाएं डिवाइडर : मुख्यमंत्री

फोरलेन सड़कों पर बनाएं डिवाइडर : मुख्यमंत्री

रायपुर । छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने गुरुवार को मंत्रालय में लोक निर्माण विभाग की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने विभागीय अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि, प्रदेश के शहरों के बीच से गुजरने वाली फोरलेन और सिक्सलेन सड़कों के बीचों-बीच जनसुरक्षा की दृष्टि से सुरक्षित मार्ग विभाजक (डिवाइडर) बनवाने और उनमें स्ट्रीट लाइट लगवाने के निर्देश दिए।

डॉ. रमन सिंह ने पर्याप्त संख्या में स्ट्रीट लाइट लगाने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए। मार्ग विभाजकों के दोनों किनारों पर रेलिंग भी लगाने के भी निर्देश दिए।
डॉ. रमन सिंह ने विभाग के स्वीकृत और निर्माणाधीन कार्यों की समीक्षा करते हुए इस प्रकार के सभी कार्यों को पूरी गुणवत्ता के साथ युद्ध स्तर पर पूर्ण करने के भी निर्देश दिए। बैठक में लोक निर्माण मंत्री राजेश मूणत, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव अमन कुमार सिंह, वित्त विभाग के प्रमुख सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के सचिव सुबोध कुमार सिंह, लोक निर्माण विभाग के सचिव अनिल राय और अन्य संबंधित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

126 किलोमीटर लम्बे राजमार्ग का हो रहा निर्माण : मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बैठक में विभागीय अधिकारियों ने बताया कि, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में जगदलपुर भोपालपटनम मार्ग, सुकमा कोंटा मार्ग में सड़क निर्माण सहित अन्य क्षेत्रों में का कार्य प्रगति पर है। बैठक में बताया गया कि, रायपुर, बिलासपुर के मध्य राष्ट्रीय राजमार्ग के अंतर्गत 126 किलोमीटर का निर्माण कराया जा रहा हैं। रायपुर, धरसींवा, देवरी, तरपोंगी, सिमगा, लिमतरा, बैतलपुर, सरगांव एवं बिलासपुर 60 किलोमीटर की बायपास सम्मिलित है। इसके साथ ही बस्तर में जगदलपुर-सुकमा राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-221 में नेंगागार से झीरमघाटी के मध्य 18 पुलिया का निर्माण पूर्ण हो चुका है। इसी तरह केशलूर से नेंगानार, दरभा, झीरम, तोंगपाल और पाकेला से सुकमा सड़क सुकमा दोनापाल पेन्टा के मध्य चौड़ीकरण और मजबूती का काम पूर्ण हो चुका है।

अधिकारियों ने कहा कि, रायपुर, धमतरी के मध्य 72 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग बायपास सहित बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि, रायपुर-जगदलपुर मार्ग में केशकाल घाट का घुमावदार मोड़ों का चौड़ीकरण का कार्य में 700 मीटर पूर्ण हो चुकें है। मार्च 2018 तक 500 मीटर का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। बैठक में सेतु परिक्षेत्र की समीक्षा के दौरान बताया गया कि वर्ष 2004 से दिसम्बर 2017 तक 984 नग पुल-पुलियों का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है। जिसमें 02 फ्लाई ओव्हर और 964वृहद पुल शामिल है। मार्च 2018 तक के 56 नग वृहद पुलों का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है। इनमें तेल नदी पर देवभोग कुम्हड़ई-झाखरपारा मार्ग पर, सोंढूर नदी-सरईभदर जडज़ड़ा गरियाबंद मार्ग पर, नाहरगावं नागाबुड़ा बारूला मार्ग पर, पैरी नदी पर, दोरनापाल-कालीमेला मार्ग पर, शबरी नदी पर मुरई धोवा और सुखा नाला पर पुल निर्माण का कार्य पूर्ण हो चुका है।

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