गृहयुद्ध के हालात के बीच आपातकाल लगाने की संभावनाओं से फ्रांस का इनकार

फ्रांसीसी सरकार ने पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों के फ्रांस में बने गृहयुद्ध के हालात के बीच आपातकाल लगाने की संभावनाओं से इनकार किया है। सोमवार को इसकी जानकारी गृह उपमंत्री लॉरेंट नुनेज ने दी।

प्रदर्शन पर लगाम के लिए कई पुलिस संगठनों द्वारा अधिकारों में बढ़ोतरी की मांग के बाद नुनेज ने कहा कि आपातकाल लगाना कई उपायों में से एक है लेकिन फिलहाल इस पर कोई विचार नहीं चल रहा है।

वहीं नुनेज ने पिछले हफ्ते के हिंसक प्रदर्शन के बाद भी आगामी शनिवार को बुलाए गए तीसरे दौर के विरोध प्रदर्शन को भी रोकने की बात कही है।

उन्होंने कहा कि पिछले हफ्ते कुछ प्रदर्शनकारी हत्या के इरादे से आए थे क्योंकि उनके पास से हथौड़ा और लोहे के अन्य हथियार बरामद किए गए हैं। इस मामले में अब तक 412 लोग गिरफ्तार गिरफ्तार हो चुके हैं। 378 को हिरासत में रखा गया है।

राजधानी पेरिस में 133 सहित देशभर में कुल 263 लोग घायल हुए हैं जिसमें 23 सुरक्षा बल के जवान हैं। वहीं सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों की हिंसा का जवाब देने के लिए फ्रांस के प्रधानमंत्री एडुअर्ड फिलिप ने सोमवार पार्टी के अन्य नेताओं से बातचीत की।

इससे पहले रविवार को राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने पेरिस में हुई क्षति का सर्वेक्षण किया था और उसके बाद एक संकट बैठक की थी।

द्वितीय विश्व युद्ध के बाद दो बार लग चुका आपातकाल

फ्रांस में आपातकाल लगाए जाने की आशंकाओं के बीच बता दें कि वहां द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से अब तक दो बार आपातकाल लगा है।

2005 में युवाओं द्वारा देशव्यापी दंगा करने के बाद और 2015 में पेरिस में जिहादी हमले के बाद आपातकाल लागू किया गया था।

पिछले साल आपातकाल हटाने के बाद राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने नए सुरक्षा कानून के तहत पहचान पत्रों की चेकिंग और भीड़ पर प्रतिबंध जैसे कई उपाय किए थे।

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