अदार पूनावाला, ICMR और डब्ल्यूएचओ के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज

कोर्ट ने मामला संज्ञान में लेते हुए दर्ज किया धोखाधड़ी का मुकदमा

लखनऊ:सीरम कंपनी के मालिक अदार पूनावाला, ड्रग कंट्रोल डायरेक्टर, स्वास्थ सचिव, ICMR और डब्ल्यूएचओ के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है। दरअसल लखनऊ के कैंट थाना क्षेत्र के प्रतापचन्द्र नाम के शख्स ने शिकायत दर्ज कराई है कि 8 अप्रैल को उसने कोविशील्ड वैक्सीन की पहली डोज लगवाई थी। दूसरी डोज की तारीख 28 दिन बाद की थी, जो 6 हफ्ते और बढ़ा दी गई।

प्रतापचन्द्र ने अपनी तहरीर में आईसीएमआर के डायरेक्टर के एक बयान का जिक्र करते हुए कहा कि कोविडशील्ड वैक्सीन के पहले डोज के बाद शरीर में अच्छे लेवल की एंटीबॉडी बन जाती है। लेकिन पहली डोज लगने के डेढ़ महीने बाद यानी बीते 25 मई को जब एक सरकारी मान्यता प्राप्त लैब में कोविड एंटी बॉडी का टेस्ट कराया गया तो 2 दिन बाद सामने आई रिपोर्ट में पता चला कि शरीर में एंटी बॉडी न बनने के साथ ही प्लेटलेट्स में भी 50% की कमी आ गई है।

शिकायत करने वाले का कहना है कि वैक्सीन लगवाने के बाद शरीर में तेजी से एंटी बॉडी बनने का दावा किया जा रहा था। लेकिन उसके शरीर में एंटी बॉडी तो नहीं ही बनी, साथ में प्लेटलेट्स भी गिर गईं। ऐसी स्थिति में संक्रमण का खतरा होने के साथ साथ मरीज की असमय मृत्यु होने की आशंका बढ़ जाती है।

शिकायतर्ता प्रतापचन्द्र का कहना हे कि उनके साथ विश्वसनीय कंपनी, संस्था, पदाधिकारियों द्वारा की गई धोखाधड़ी है जिससे मेरी मृत्यु हो सकती है क्यूंकि अभी तक सरकार की जिम्मेदार संस्थाओं ने ये नहीं बताया है कि वैक्सीन के बाद भी एंटीबोडी न बनने के बाद क्या होगा। फिर वैक्सीन लगेगी, क्या हमेशा वो व्यक्ति घर में रहेगा, क्यूंकि अब खुद व समाज के लिए खतरा है।

प्रतापचन्द्र का कहना हे कि ये उस प्रकार से है कि मौके पर कार का एयरबैग का न खुलना या सब स्टैंडर्ड बुलेट प्रूफ पहनने के बाद खतरे में होना, या नकली दवा लेकर खतरे में रहना।

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