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नोएडा में हुई करोड़ों की ठगी बिटकॉइन के सिक्के बेचकर

बिटकॉइन एक वर्चुअल मनी है. चलन बढ़ने के साथ-साथ बिटकॉइन के नाम पर ठगी भी शुरु हो गई है. इसका लेन-देन और खरीद-फरोख्त इंटरनेट पर हो रहा है.पहले भी नोएडा में बिटकॉइन के नाम पर ठगी का एक मामला सामने आ चुका है. लेकिन बिटकॉइन के नाम पर ठगी का मामला एकदम अजीब-ओ-गरीब है. ठगों ने एक कदम आगे जाते हुए बिटकॉइन के सिक्के ही बनवा लिए.

पीतल के चमकदार और बी लिखे ये सिक्के बिटकॉइन के रेट पर बेच दिए. सिक्के बेचने के लिए निशाना बनाया गया सोने-चांदी का काम करने वाले सर्राफ को. इस ठगी का शिकार होने वाले सर्राफ भी कोई एक-दो नहीं है पूरे 20 से अधिक हैं.ठगों का शिकार बने एक पीड़ित राजकुमार सोनी ने बताया कि एक दिन वह अपनी दुकान पर बैठे हुए थे. तभी दो लोग सोने की चेन खरीदने के लिए आए. उन्होंने एक चेन खरीदी. 73 हजार रुपये के बिल का पेमेंट करने का प्रस्ताव उन्होंने एक पीतल के सिक्के से करने का रखा.

बेच दिए 1500 सिक्के एनसीआर में

सूत्रों की मानें तो पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस ने ठग गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है. पुलिस की पूछताछ में सामने आया है कि ये गिरोह अभी तक बिटकॉइन के नाम पर 1500 सिक्के बेच चुका है. गिरोह के पास से 350 सिक्के भी बरामद हुए हैं.

सिक्के फरीदाबाद में ढलवाए थे

जांच में सामने आया है कि गिरोह ने बिटकॉइन की कॉपी जैसे ये सिक्के फरीदाबाद में ढलवाए थे. इस दौरान ये सुराग भी हाथ लगा है कि सिक्के ढालने वाला भी वही गिरोह है जो पहले 5 और 10 रुपये के नकली सिक्के बनाने के जुर्म में जेल जा चुका है.

क्‍या है बिटकॉइन

बिटकॉइन एक नई इनोवेटिव डिजिटल टेक्नोलॉजी या वर्चुअल करेेंसी है. इसे 2008-2009 में सतोषी नाकामोतो नामक एक सॉफ्टवेयर डवलपर ने प्रचलित किया था.

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