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श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के खाते में जालसाजी, फर्जी चेक से निकाले गए लाखों रुपये

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के खाते से जालसाजी कर लाखों रुपये निकाले जाने का मामला सामने आया है। खाते में क्लोनिंग कर लखनऊ के दो बैंकों से अपराधियों ने फर्जी चेक लगाकर लाखों रुपये की रकम निकाल ली।

अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण अभी शुरू भी नहीं हुआ है, लेकिन मंदिर के लिए आ रही दान की रकम पर जालसाजों ने हाथ साफ कर दिया। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के खाते से जालसाजी कर लाखों रुपये निकाले जाने का मामला सामने आया है। खाते में क्लोनिंग कर लखनऊ के दो बैंकों से अपराधियों ने फर्जी चेक लगाकर लाखों रुपये की रकम निकाल ली।

बदमाशों ने दो बार तो ऐसा कर लिया, लेकिन तीसरी कोशिश में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को फोन पर राशि निकाले जाने की सूचना मिल गई। जालसाजी का पता तब चला जब बुधवार दोपहर एसबीआई बैंक लखनऊ से महामंत्री चंपत राय के पास फोन आया कि चेक संख्या 740798 के माध्यम से 9 लाख 86 हजार का भुगतान का चेक बैंक में जमा किया गया है, क्या यह भुगतान किया जाना है?
अब तक मंदिर फंड के नाम पर फर्जी खाता खोलने और चंदा मांगने वाले कई जालसाज पकड़े गए हैं, लेकिन अकाउंट से पैसे उड़ाने का ये पहला मामला है। बिना सूचना के खाते से पैसे निकाले जाने पर हड़कंप मच गया। ट्रस्ट के सदस्यों की चिंता बढ़ गई। इसके बाद अयोध्या कोतवाली में अज्ञात जलसाज के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक करीब छह लाख रुपये की धनराशि निकाली गई है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। मालूम हो कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का भारतीय स्टेट बैंक नए घाट अयोध्या में खाता संख्या 39200 235 062 के तहत अकाउंट खुला हुआ है। जिसमें ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय और ट्रस्टी. डॉ अनिल मिश्र सिग्नेचर अथॉरिटी हैं। भुगतान सिर्फ इन्हीं के दस्तखत से हो सकता है।

अयोध्या के डीआईजी दीपक कुमार ने बताया कि जांच में पता चला है कि जालसाजी करने वाला महाराष्ट्र का रहने वाला है। हमने जालसाज को पकड़ने के लिए एक टीम लखनऊ व दूसरी टीम महाराष्ट्र के लिए भेज दी है।

फिलहाल आरोपी के खाते को सीज किया जा चुका है। शातिर ने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के खाते से 6 लाख रुपए क्लोनिंग चेक के जरिए निकाले हैं। जानकारी के मुताबिक आरोपी ने खाते से 4 लाख निकाले हैं जबकि 2 लाख रुपये अभी भी आरोपी के खाते में मौजूद हैं।

शातिर ढंग से निकाले गए छह लाख रुपये
लखनऊ की ब्रांच से चेक संख्या 740799 के जरिये एक सितंबर को दो लाख 50 हजार पीएनबी बैंक में ट्रांसफर किए गए, जबकि चेक संख्या 740 800 से आठ सितंबर को तीन लाख 50 हजार फिर पीएनबी को ट्रांसफर किए गए। कुल छह लाख रुपये पंजाब नेशनल बैंक के अकाउंट में जालसाजी करके ट्रांसफर हुए।

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