चिरायु से होगा बच्चों का निशुल्क कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी

मनराखन ठाकुर:

पिथौरा: विकासखंड पिथौरा में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा संचालित राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम चिरायु के द्वारा 0 से 18 वर्षो तक के बच्चों का शासकीय विद्यालय एवम आंगनबाड़ी में जाकर 30 बीमारियों पर विशेष स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है।

पिथौरा चिरायु के प्रभारी आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉ वीरेंद्र प्रजापति ने बताया कि उनको स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान बहुत से ऐसे बच्चे मिलें जिनको जन्मजात सुनने व बोलने में परेशानी होती है, लेकिन कॉक्लियर इम्प्लांट की सर्जरी सिर्फ 5 वर्ष तक के बच्चों का ही सफल हो पाता है

इसलिए हमने उस उम्र में आने वाले 5 बच्चों को चिन्हित किया जिसमें से अभी सिर्फ 3 बच्चो महिमा यादव (4) किशनपुर, शिवांगी गहिर(4) राजपुर, तेजस दीवान कुम्हारिमुडा को उपचार हेतु रायपुर मेडिकल कॉलेज मेकाहारा के अस्पताल ले जाया गया।

जंहा बच्चो का निःशुल्क बेरा टेस्ट, ओ ए ई टेस्ट, टीमपनोमैट्री टेस्ट के साथ साथ कान के सामान्य परीक्षण किए जिसमे पाया गया कि उक्त बच्चो को कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी की आवश्यकता है। उस से पहले सभी बच्चों को निःशुल्क ध्वनि यंत्र दिया जायेगा और 3 महिने स्पीच थेरेपी दी जाएगी।डॉ प्रजापति ने बताया कि उक्त ऑपरेशन में सात लाख तक का खर्च आता है लेकिन चिरायु द्वारा सभी बच्चों का ऑपरेशन निःशुल्क कराया जाएगा।

ऑपरेशन के बाद सभी बच्चों को ऑडियोलॉजिस्ट और स्पीचथेरेपिस्ट के द्वारा थेरेपी दी जाएगी जिस से बच्चे धीरे से सुनना और बोलना सीखेंगे।इसके साथ ही चिरायु दल बच्चों में होने वाली सभी जन्मजात बीमारियों का उपचार निःशुल्क कराती है,बच्चो को उपचार हेतु चिरायु वाहन से निःशुल्क ले जाया जाता है। कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी के लिए चयनित बच्चो को डॉ वीरेंद्र प्रजापति व फार्मासिस्ट लेखरंजन पटेल के द्वारा ले जाया गया।

खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ तारा अग्रवाल ने कहा कि

विकासखंड पिथौरा की आर.बी.एस. के.चिरायु टीम शासन के मंशानुरूप अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रही है, इनके इस सराहनीय प्रयास के लिए मैं इनको धन्यवाद ज्ञापित करती हूँ। चिरायु दल का कार्य हमेशा प्रशंसनीय रहा है और मैं दल से हमेशा अपेक्षा रखती हूं कि चिरायु दल अधिक से अधिक हितग्राहियों को जल्द से जल्द बेहतर स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता रहे।

Back to top button