छत्तीसगढ़

विनिवेश के विरोध में बाजार से लेकर संयंत्र क्षेत्र तक सन्नाटा

मजदूर संगठनों की ह$डताल से एनएमडीसी में ठप रहा कामकाज
अफसरों से लेकर नेताओं तक ने दिया था बंद को समर्थन

– अनुराग शुक्ला

जगदलपुर। नगरनार स्टील प्लंाट के विनिवेश के केन्द्र सरकार के फैसले के विरोध में ऑल इंडिया एनएमडीसी वर्कर्स फेडरेशन के एक दिवसीय हड़ताल का यहां बस्तर में दक्षिण से लेकर मध्य तक जबरतस्त प्रभाव दिखाई दिया। दंतेवा$डा जिले में स्थित एनएमडीसी की बचेली और किरंदुल की लौह अयस्क खदानों और यहां मध्य बस्तर में नगरनार में स्टील प्लांट में कामकाज पूरी तरह से ठप रहा। मजदूर संगठनों की ह$डताल के समर्थन में इन सभी स्थानों में बाजार से लेकर औघोगिक इकाइयों तक में सन्नाटा पसरा रहा। नगरनार में सुबह छह बजे से मजदूर संगठनों संयुक्त इस्पॉत मजदूर संघ और स्टील श्रमिक यूनियन के पदाधिकारी-कार्यकर्ता स्टील प्लंाट के मुख्य गेट में धरना देकर बैठ गए थे। यहां सुबह नौ बजते-बजते सैकड़ों की संख्या में एनएमडीसी के कर्मचारी, अधिकारी और संयंत्र प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों से लोगों का हुजूम जुटकर केन्द्र सरकार के फैसले के खिलाफ नारेबाजी करते दिखाई दिए। ह$डताल के समर्थन में नगरनार जहां आज शुक्रवार को साप्ताहिक बाजार था वह नहीं भरा। स्थानीय व्यवसायियों ने भी अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। नगरनार सहित करीब 13 ग्राम पंचायतों में भी बंद के आव्हान का व्यापक असर रहा। राष्ट्रीय राजमार्ग 30 पर स्थित मारकेल से लेकर नगरनार तक कोई भी दुकान रास्ते में खुली नहीं थी। दिन भर कांग्रेस, छगजकां, आम आदमी पार्टी आदि राजनीतिक दलों के नेता भाजपा को छो$डकर ह$डताल के समर्थन में धरनास्थल मेंं पहुंचकर भाषण देने के क्रम को आगे ब$ढाते रहे। धरना को ग्राम पंचायतों का भी पूर्ण समर्थन था। एक दर्जन से अधिक सरपंच ह$डताल में शामिल होनें पहुंचे थे। कुछ सरपंचों ने धरना को संबोधित किया। इस विरोध में स्ट्रील श्रमिक यूनियन और संयुक्त इस्पात मजदूर संगठन की ओर से संतराम सेठिया, महेन्द्र जॉन, प्रभुलाल और जीतेन्द्र नाथ सहित बस्तर विकास मंच के लैखन बघेल ने भी विरोध जताया।

बैलाडिला भवन में सन्नाटा
यहां जगदलपुर में गीदम रोड स्थित एनएमडीसी के बैलाडीला भवन के बाहर भी गेट पर मजदूर संघों के पदाधिकारियों ने सुबह एकत्र होकर नारेबाजी की। स्लरी पाइप लाइन प्रोजेक्ट का ऑफिस भी ह$डताल के कारण बंद था। मालूम हो कि विनिवेश का अधिकारी भी आंतरिकत तौर पर विरोध कर रहे हैं। खुलकर वे सामने तो नहीं आ रहे हैं लेकिन विरोध को थामने का भी उनकी ओर से कोई अथक प्रयास दिखता नहीं है। शुक्रवार को हड़ताल को समर्थन देने युवक कांग्रेस के प्रदेश सचिव सुशिल मौर्य और जिला पंचायत सदस्य सूरज कश्यप सहित अन्य युंकाई थी पहुंचे।

भूपेश की पदयात्रा का नतीजा, राहुल संभाल सकते हैं कमान
नगरनार में विनिवेशिकरण को लेकर चल रहे धरने को समर्थन देने के लिए कांगे्रस की राज्य व राष्ट्र स्तर के नेता भी पहुंचे। छत्तीसगढ़ प्रभारी पीएल पुनिया ने कहा कि जनता की परेशान और उनके साथ होने वाले छलावे को लेकर कांगे्रस पहले से ही समर्थन में है। प्रदेश कांग्रेस ने अध्यक्ष भूपेश बघेल के नेतृत्व में इस इलाके में पदयात्रा निकाली थी। इसमें जिस तरह का प्रतिसाद मिला था इसके बाद विनिवेशिकरण का मामला सिर्फ बस्तर तक ही नहीं दिल्ली तक भी पहुंच चुका है। केन्द्र सरकार नीजिकरण के नाम पर औद्योगिक घरानों को फायदा पहुंचाना चाहती है। आज विरोध ने जो बड़ा रूप लिया है इसके लिए पीसीसी अध्यक्ष भूपेश बघेल बधाई के पात्र हैं। उनकी पदयात्रा रंग लाई और अब कांग्रेेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी यहां आ रहे हैं। विनिवेशिकरण का मुद्दे की कमान वे खुद ही संभलालेंगे। धरना को समर्थन देनें कांग्रेस के पीसीसी अध्यक्ष भूपेश बघेल, कमलेश्वर पटेल, अरूण ऊरांव, महापौर जतिन जायसवाल आदि कई नेता पहुंचे थे।

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