छत्तीसगढ़

रोगी से योगी और योगी से निरोगी बने : अग्रवाल

रायपुर : भारत का पहला योग आयोग छत्तीसगढ़ में स्थापित हुआ तथा 13 जून 2017 को छत्तीसगढ़ के यशश्वी मुख्यमंत्री माननीय डॉ रमन सिंह ने मनेन्द्रगढ़ में जन्मे छत्तीसगढ़ के माटी पुत्र संजय अग्रवाल को छत्तीसगढ़ योग आयोग के प्रथम अध्यक्ष के रूप में नियुक्ति प्रदान किये। संजय अग्रवाल विगत 13 – 14 वर्षों से पतंजलि योग पीठ से जुड़े रहे और भारत के सात राज्यों – छत्तीसगढ़ , मध्य प्रदेश , उत्तरप्रदेश , उत्तराखंड ,बिहार , ओडिशा तथा झारखण्ड के केंद्रीय प्रभारी रहे और नेपाल राष्ट्र के मुख्य केंद्रीय प्रभारी भी रहे। योग शिक्षा के क्षेत्र में संजय अग्रवाल ने कड़ी मेहनत करते हुए योग को गांव गाँव तक पहुँचाया और लोगों को योग के प्रति जागरूक किया ।

छत्तीसगढ़ योग आयोग के प्रथम अध्यक्ष संजय अग्रवाल से जब चर्चा हो रही थी तब उन्होंने कहा की उन्हें अस्थमा की बिमारी थी और उन्हें इन्हेलर लेना पड़ता था। सन 2003 में वे पतंजलि गए अपने रोग उपचार करवाने हेतु । उनहोंने योगा , प्राणायाम करना शुरू किया और वे बहुत जल्द अस्थमा जैसी बिमारी से मुक्त हुए। संजय अग्रवाल का कहना है – “ रोगी से योगी बनें और योगी से निरोगी ” और साथ में समाज के लिए उपयोगी भी बने।

उनहोंने कहा योग किसी भी धर्म , जाती , समुदाय का नहीं है बल्कि योग विश्व के प्रत्येक व्यक्ति के लिए है जो नियमित योग साधना कर अपने आप को स्वस्थ रख सके और समाज के लोगों को योग साधना करने हेतु प्रेरित कर सके। आगे उनहोंने कहा की आने वाले सत्र 2017-18 में हमारी कोशिश है की छत्तीसगढ़ के प्रत्येक स्कूल एवं कॉलेजों में योग का पाठ्यक्रम शुरू हो जिसमे विद्यार्थियों को अंक भी मिले और वे योग साधना हेतु प्रेरित भी हो और स्वस्थ समाज निर्माण में अपनी सहभागिता प्रदान करे। बचपन से ही हम यदि योग की शिक्षा ग्रहण करेंगे तो यह हमारे दिनचर्या में अनायास ही शामिल हो जायेगी और निरोगी रहने हेतु मददगार साबित होगी ।

संजय अग्रवाल ने अपनी आगे की योजना के बारे में बताया की छत्तीसगढ़ में 20 हजार गाँव है और हम प्रयत्न करना शुरू कर दिए हैं की प्रत्येक गाँव , कस्बों में रोजाना सुबह और शाम को एक घंटा करके योग का प्रशिक्षण दिया जाए जिससे गाँव के लोगों को ज्ञात एवं अज्ञात बिमारियों से लाभ मिले और वे पुरे ऊर्जा से राष्ट्र सेवा के लिए अपने दायित्व का निर्वहन कर सके।

उनसे जब पूछा गया की अभी रोजाना हम समाचार पत्रों में बलात्कार , भ्रष्टाचार की ख़बरें पड़ते हैं जो एक प्रकार से मानसिक विकृति है , इस पर योग साधना कैसे काम कर सकता है ? इस प्रश्न के जवाब में संजय अग्रवाल ने कहा की यदि व्यक्ति विधि विधान के साथ नियमित रूप से योग करे तो उनके अंदर सकारात्मक विचारधारा पनपने लगती है , उनकी चेतना जाग उठती है जिससे वे अनैतिक कार्य करने से रुक जाते हैं। जब आपके मन मंदिर में हर पल पवित्र विचारधारा बानी रहेगी तो आपका मन स्वतः ही अनैतिक कार्यों से दूर रहेगा।

 

– सुदिप्तो चटर्जी

 

 

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