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आतंक के लिए फंडिंग : एनआईए 11 साल तक पाकिस्तान में रहे गिलानी के बेटे से करेगी पूछताछ

नई दिल्ली: कश्मीर घाटी में आतंक के लिए फंडिंग के मामले की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) अलगाववादियों पर शिकंजा कसती जा रही है. एनआईए ने अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी के दामाद की गिरफ्तारी के बाद उनके बड़े बेटे को सम्मन भेजा है. उनको 31 जुलाई को एनआईए के समक्ष पेश होना है. एनआईए ने गिलानी के बेटे के अलावा अन्य 29 लोगों को सम्मन भेजे हैं.

एनआईए की कश्मीर घाटी में आतंकवाद के वित्तपोषण से जुड़ी जांच जारी है. इस सिलसिले में हुर्रियत कांफ्रेस के नेता सैयद अली शाह गिलानी के बड़े बेटे नईम को सोमवार को पूछताछ के लिए बुलाया गया है. एनआईए के सूत्रों ने कहा कि यह सम्मन नसीम गिलानी और सुरक्षा बलों पर पथराव करने वाले अन्य लोगों को भेजा गया है.

पेशे से सर्जन नईम पाकिस्तान में 11 साल तक रहने के बाद 2010 में लौटे हैं. नईम को गिलानी की अगुवाई वाले तहरीक-ए-हुर्रियत का स्वाभाविक उत्तराधिकारी माना जाता है. तहरीक-ए-हुर्रियत एक ऐसा अलगाववादी समूह है जिसमें पाकिस्तान समर्थक कट्टरपंथी संगठन शामिल हैं. अधिकारियों ने बताया कि नईम को एनआईए ने 31 जुलाई को पेश होने के लिए सम्मन किया है.
गिलानी के दामाद अल्ताफ अहमद शाह उर्फ अल्ताफ फंटूश को इसी मामले में एनआईए पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है और पूछताछ की जा रही है. गिलानी के निकट सहयोगी एवं तहरीक-ए-इंसाफ के प्रवक्ता अयाज अकबर तथा पीर सैफुल्लाह को इस सप्ताह घाटी से एनआईए ने गिरफ्तार किया है.

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