कृषि समृद्धि मेला में गडकरी मंत्र से किसानों में हुआ नव ऊर्जा का संचार

केंद्रीय जल संसाधन-परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने किसानों को किया संबोधित।

कृषि समृद्धि मेला में गडकरी मंत्र से किसानों में हुआ नव ऊर्जा का संचार

केंद्रीय जल संसाधन-परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि अब केवल खेती के दम किसानों की जिंदगी नही संवारी जा सकती। किसानों का भविष्य तभी सुधर सकता है जब वह कृषि के साथ-साथ उस पर आधारित अन्य कार्यों की तरफ रुख करें। कृषि आधारित उद्योगों (फूड प्रोसेसिंग यूनिट) की भी यहा महती आवश्यकता है। किसान को उत्पादन के साथ मार्केटिंग भी सिखाने की जरूरत है। छत्तीसगढ़ की ही बात करें तो चावल का उत्पादन ज्यादा है और मांग कम। ऐसे में यह खेती फायदे की नही है। उत्पादन ज्यादा होगा तो कीमतें नीचे आएंगी ही यही अर्थशास्त्र का मूल सिद्धांत है। उन्होंने यह बात रायपुर में आयोजित कृषि समृद्धि मेला 2018 के तीसरे दिन बतौर मुख्यअतिथि अपने संबोधन में कही।
श्री गडकरी ने कहा कि कृषि समृद्धि मेला आयोजन कर किसानों को नई दृष्टि देने का प्रयास किया गया है। उन्होंने बताया कि विदर्भ के किसानों के लिये वे नागपुर में एग्रो विजन के नाम से कृषि मेला पिछले 10 वर्षों से आयोजित करते आ रहे हैं। उस मेला में लगभग 3 लाख 50 हज़ार किसान शामिल होते है।
उन्होंने कहा कि आज देश में चावल,दाल, गेंहू से भविष्य बदल सके ऐसी स्थिति नही है। इस सच को स्वीकारना ही होगा। ब्राजील चीनी का तो चावल,सोयाबीन का दाम चीन तय करता है। खाद्य तेल में उपयोगी 70 फीसदी पामोलिव ऑइल मलेशिया इम्पोर्ट किया जाता है।उन्होंने आश्चर्य करते हुए बताया कि भारत जैसे कृषि प्रधान देश मे 40 हज़ार करोड़ की लकड़ी और 5 हज़ार करोड़ की अगरबत्ती काड़ी इम्पोर्ट किया जाता है।
इस अवसर पर अपने स्वागत भाषण में कृषि-सिंचाई मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने लोगों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि तंत्र, गण की सेवा करें तो ही लोकतंत्र मजबूत होगा। हमारी सरकार पूरी निष्ठा के साथ जनता की सेवा में लगी हुई।

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यहा आयोजित कृषि समृद्धि मेला का थीम पर ड्राप-मोर क्रॉप है। जिसके तहत ड्रिप एरिगेशन के माध्यम से फल,फूल सहित धान की अच्छी फसल लेने के बारे में भी लाइव डेमों दीखाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 2022 तक किसानों की आय दुगुनी करने का लक्ष्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रखा है। उनके इस लक्ष्य को पूर्ण करने पूरी शिद्दत के साथ हम काम कर रहे है।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने कृषि समृद्धि मेला की सराहना करते हुए कहा कि नगदी फसल की ओर कैसे रुख कर सके यह जानने का सुनहरा अवसर यहा किसानों को मिल रहा है।
इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री सौदान सिंह,महिला एवं बाल विकास मंत्री रमशीला साहू, वनौषधि बोर्ड के अध्यक्ष रामप्रताप सिंह, प्रदेश भाजपा संगठन महामंत्री पवन साय,विधायक देवजी भाई पटेल,विमल चोपड़ा,श्रीचंद सुंदरानी,बीज निगम के अध्यक्ष श्याम बैस,आरडीए अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव,अपैक्स बैंक अध्यक्ष अशोक बजाज,संनिर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष मोहन एंटी,श्रम कल्याण मंडल के उपाध्यक्ष सुभाष तिवारी,प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष सुनील सोनी,भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ सलीम राज,जिला भाजपा अध्यक्ष राजीव अग्रवाल,दुर्ग जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष प्रीतपाल बेलचंदन,डॉ बिशाल चंद्राकर,मितुल कोठारी,जीव जंतु कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष केके अवधिया,रामकृष्ण धीवर,भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश महामंत्री द्वारिकेश पांडे,जिला भाजपा कोषाध्यक्ष योगी अग्रवाल,वृंदा तांबे,युधिष्ठिर चंद्राकर,चूड़ामणि निर्मलकर,कुबेर सपहा,कमलेश शर्मा,कृषि उत्पादन आयुक्त सुनील कुजुर,ऊर्जा सचिव सुबोध सिंह आदि मौजूद थे।
इस कार्यक्रम श्री गडकरी ने 12 प्रजातियों के जैविक चावल,कृषि ई पंचांग का लोकार्पण तथा कृषि दिग्दर्शिका का विमोचन किया गया।
● पेट्रोल और डीजल का विकल्प दे सकता है किसान
श्री गड़करी ने कहा कि महाराष्ट्र में चीनी मिलों के वेस्ट सीरा से इथेनॉल बनाया जा रहा है। हम 50 एसी बसे इससे चला रहे है। साथ ही उन्होंने कहा कि सेकेंड जनरेशन की इथेनॉल टेक्नोलॉजी प्रूफ हो गई है। पैरा और कोयला से बने इथेनॉल से छत्तीसगढ़ में भी गाड़ियां दौड़ सकती है। यहा मिथेनॉल की एक इंडस्ट्री लग जाये तो 5 हज़ार लोगों को सीधा रोजगार मिलेगा। आज हमारा देश 7 लाख करोड़ का इथेनॉल इम्पोर्ट कर रहा है। यह पेट्रोल के मुकाबले बेहद सस्ता होता है।अमेरिका,चीन जैसे सम्पन्न देश भी इथेनॉल का उपयोग अब करने लगे है।
● विदर्भ में 10 हज़ार किसानों ने की आत्महत्या
उन्होंने कहा कि अपनी फसल का उत्पादन बढ़ा दो, पर जब बाजार में दाम नही मिलेगा तो मुनाफा कहा से होगा। और जब मुनाफा नही होगा तो किसान कर्ज कैसे चुका पायेगा। बीते दौर में इन्ही हालातों में विदर्भ के 10 हज़ार किसानों ने आत्म हत्या की है। परंतु इस त्रासदी ने हमे बहुत कुछ सिखा दिया है। यहा हम गौपालन- दुग्ध उत्पादन की ओर किसानों को बढ़ा रहे है।मदर डेयरी इसमें सहयोगी है। 1लाख 70 हज़ार लीटर दुग्ध का कलेक्शन यहा हो रहा है। इसे बढ़ाकर 25 लाख लीटर करने का संकल्प हमने लिया है।
● नदियों को जोड़ने की योजना बना रहे बृजमोहन को करेंगे सहयोग।
श्री गडकरी ने कहा कि वे देश की नदियों को जोड़ने के काम लगे है,ताकि खेती का रकबा बढाया जा सकत है। आज बारिस का 70 फीसदी पानी व्यर्थ बहकर समुद्र में जा रहा है। ऐसी परिस्थितियों में यहा नदियों को जोड़ने के काम जल संसाधन मंत्री बृजमोहन अग्रवाल करने जा रहे है। श्री गडकरी ने कहा कि इस आवश्यक कार्य के लिए लोन केंद्र दिला सकती है। उन्होंने बताया की ऐसा कार्य आंध्र प्रदेश में सफलता से हुआ है,जिसके चलते वहा सिंचाई रकबे में वृद्धि हुई है।
● रिसर्च पर ध्यान दे सरकार
श्री गडकरी ने कहा कि सरकार कुआं रिसर्च की ओर ध्यान देना चाहिए ऐसा रिसर्च जो गांव गरीब और मज़दूरों के लिए फायदेमंद हो। आज हम जर्सी गाय की तरफ भागते हैं, परंतु हमारे देसी गाय
के महत्व को हम खुद नहीं समझ पा रहे हैं अभी हाल ही में ब्राजील में हुए एक समारोह के दौरान 55 से 7 लीटर दूध देने वाली भारत की साहिवाल और गीर गाय को अवार्ड प्रदान किया गया। हमें ऐसे ही नंदी का सीमेन, 2 लीटर दूध देने वाली गाय को देकर नस्ल सुधार करना है। उन्होंने कहा कि चावल के पैरे में 70 फीसदी सिलिकॉन होता है। उसका कपड़ा बनाया जा सकता है।
● रासायनिक खाद-दवाईयों से मिट्टी हो रही खराब
श्री गडकरी ने कहा कि रासायनिक खाद-दवाईयों का दुष्प्रभाव दिखने लगा है।कई गंभीर बीमारियां घर कर रही है। इसलिए जैविक खेती आज की आवश्यकता है। गोबर-गोमूत्र का उपयोग कर जैविक खेती करने किसान खेत मे उतरे और स्वास्थ्य के साथ साथ पर्यावरण की भी रक्षा करें।
● कृषि-पशुपालन आधारित कार्यों से समृद्ध होंगे किसान
श्री गडकरी ने कहा कि प्रधानमंत्री का सपना है कि 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करनी है। इसके लिए हमें किसानों को तीव्र गति से आगे बढ़ाने के लिए फूड प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना करनी होगी कुटीर उद्योग को बढ़ावा देना होगा। साथ ही गौ पालन,मत्स्य पालन, मुर्गी पालन आदि दिशा में चलना बेहतर भविष्य के लिए जरूरी है।

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