हिरासत में सैकड़ों एटीएम बूथ से हजारों एटीएम क्लोन तैयार करने वाला गिरोह

एक मास्टरमाइंड समेत तीन अन्य लोग गिरफ्तार

बिलासपुर: राज्य भर के सैकड़ों एटीएम स्कीमर के माध्यम से एटीएम का क्लोन तैयार कर देश भर में घूम-घूम कर रकम निकालने की घटना को अंजाम देने वाले गिरोह का बिलासपुर पुलिस ने पर्दाफाश किया है. एक मास्टरमाइंड समेत तीन अन्य लोग गिरफ्तार हुए है.

देश भर के विभिन्न राज्यों से जुड़े इस गिरोह के तार

पकड़ में आए ठगों ने बताया कि एटीएम बूथ से वह लोगों का डाटा चुराते थे. पुलिस ने आशंका जाहिर की है कि देश भर के विभिन्न राज्यों से इस गिरोह के तार जुड़े हुए हैं. पूछताछ में पता चला है कि यह पूरा गिरोह 2018 से अभी तक ना जाने कितनों ही घटना को अंजाम दे चुके हैं. जिसकी पूछताछ की जा रही है.

दो मोटरसाइकिल, एटीएम कार्ड और मोबाइल फोन जब्त

पुलिस ने उनके पास से दो मोटरसाइकिल, एटीएम कार्ड और मोबाइल फोन जब्त किया है. दरअसल पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से आरोपियों की पहचान की थी और फिर जाल बिछाकर उन तक पहुंचने की कार्रवाई की गई. पूछताछ में बताया है कि यह गिरोह बिना सुरक्षाकर्मी वाले और सुनसान इलाके के एटीएम बूथ को निशाना बनाते थे.

दरअसल पिछले महीने के 301 30 अक्टूबर को जिला पुलिस अधीक्षक प्रशांत अग्रवाल को सूचना मिली थी कि बिलासपुर के सात से आठ बैंक खाता धारकों के खाते की एवज में मिले एटीएम कार्ड के माध्यम से शहर के गोल बाजार, महाराणा प्रताप चौक और सीएमडी चौक में मौजूद एसबीआई के एटीएम बूथ से जबकि एटीएम कार्ड पीड़ितों के पास ही थे.

किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा अनाधिकृत रूप से लगभग ₹57000 निकाल लिए गए. प्रथम दृष्टया यह मामला एटीएम क्लोनिंग का प्रतीत होने के कारण पुलिस महा निरीक्षक बिलासपुर प्रदीप गुप्ता को इससे अवगत कराया गया.

पुलिस अधीक्षक प्रशांत अग्रवाल द्वारा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ओपी शर्मा और उप पुलिस अधीक्षक आरएन यादव के अगुवाई में थाना प्रभारी सिविल लाइन कलीम खान, थाना प्रभारी तारबहार सुरेंद्र स्वर्णकार एवं साइबर सेल के प्रभाकर तिवारी हेमंत आदित्य और उनकी टीम बनाकर मामले की पड़ताल शुरू की गई. इसके लिए जरूरी था आरोपियों की पहचान करना.

पहचान के लिए खंगाले गए एटीएम के सीसीटीवी फुटेज

उनकी पहचान के लिए सबसे पहले संबंधित एटीएम के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए. चौंकाने वाली बात यह है कि हिरासत में लिए गए आरोपियों ने बताया है कि वह अक्सर अपनी मोटरसाइकिल से बिलासपुर, रायपुर, कवर्धा, कोरबा, मुंगेली, तखतपुर और जांजगीर-चांपा का दौरा करते थे. और वहां से यह एटीएम क्लोन करके रुपया निकाल कर वापस लौट जाते थे.

एक चौंकाने वाला खुलासा उन्होंने यह भी किया है कि वह जहां एटीएम का क्लोन तैयार करते थे वहां रकम ना निकाल कर दूसरे राज्य से रकम का आहरण करते थे. इसी तरह वह अक्सर जगह बदलते रहते थे.

पकड़े गए आरोपी अमित और इकराम ने बताया है कि वह अपने साथियों के साथ देशभर के उड़ीसा, बिहार, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, आंध्रप्रदेश, दिल्ली, महाराष्ट्र आदि राज्यों के विभिन्न शहरों सुंदरगढ़, राउरकेला, गंजाम भुवनेश्वर, रायगड़ा, जाजपुर, अंगुल, झारसुगुडा, क्योंझर, इसी तरह छत्तीसगढ़ के रायगढ़, जांजगीर-चांपा, बिलासपुर, मुंगेली, कवर्धा, कोरबा जिलों के अलावा विशाखापटनम, मुंबई, दिल्ली से भी पिछले कई वर्षों से एटीएम से एटीएम के माध्यम से क्लोन तैयार कर लिया था.

फरवरी में ही निकाले गए राज्यों से किए गए एटीएम से लाखों रुपए

टेक्निकल रिसर्च में यह भी पता चला है कि इनके द्वारा फरवरी में ही राज्यों से किए गए एटीएम से लाखों रुपए बिलासपुर, मुंगेली, कवर्धा से क्लोन किए गए एटीएम से 3 लाख 12 हजार रुपये निकाले गए हैं.

इस पूरे मामले में पुलिस ने अमित शाह झारखंड, इकराम राउरकेला, टीपू सुल्तान उड़ीसा और लक्क तालापारा बिलासपुर को हिरासत में लिया गया है. वही फरार आरोपियों में एजाज खान, छोटू , समीम उल्लाह , कुंदन कुमार और अमन कुमार शामिल है.

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