खतरे के निशान के करीब गंगा-यमुना का जल स्तर, कई इलाकों में बाढ़ की आशंका

उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है. अचानक से दोनों यमुना और गंगा का जल स्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है जिस वजह से आशंका जाहिर की जा रही है कि कई इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो सकती है. कहा जा रहा है कि तहसील सदर, सोरांव, फूलपुर, हंडिया, बारा, करछना व मेजा के कई गांव बाढ़ से प्रभावित हो सकते हैं. वहीं अशोकनगर, कछार करैली, सदियांपुर जैसे इलाकों में भी बाढ़ का खतरा बना हुआ है.

यूपी के कई जिलों में बाढ़ का खतरा

जानकारी के लिए बता दें कि धवलपुर बैराज राजस्थान से लगभग 18 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, उसी वजह से गंगा और यमुना नदियों का जल स्तर डेंजर लेवल 184.73 के करीब पहुंच गया है और यूपी के कई जिलों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है. अभी के लिए प्रशासन द्वारा दावा किया जा रहा है कि पहले से सभी इंतजाम कर लिए गए हैं. हर तरह की तैयारी कर ली गई है.

इसी कड़ी में कलेक्ट्रेट परिसर में कन्ट्रोल रूम खोला गया है जहां से हर जिले की स्थिति पर पैनी नजर रखी जा रही है. कंट्रोल रूम का नंबर 0532-2641577, 2641578 जारी किया गया है. वहीं इसके अलावा बाढ़ के मद्देनजर कुल 98 बाढ़ चैकियां और 110 शरणालय बनाए गए हैं. इन चौकियों पर सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, चिकित्साधिकारियों, पशु डाक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ की ड्यूटी लगाई जा चुकी है.

प्रशासन कितना तैयार?

बताया गया है कि मेला प्रशासन के पास 2 मोटर बोट, लोक निर्माण विभाग के पास 1 मोटर वोट, सिंचाई विभाग के पास 1 मोटर वोट और विकास प्रधिकरण के पास 4 मोटर बोट उपलब्ध हैं. इसके अलावा कुल 1000 प्राईवट नावें (छोटी मझोली व बड़ी मिलाकर) और 5 प्राईवेट मोटर बोट भी मौजूद हैं. ऐसे में हर तरह की स्थिति से निपटने की तैयारी की जा रही है. जानकारी तो ये भी मिली है कि एक बड़ी गोताखोरों की टीम भी तैयार रखी गई है जिससे समय आने पर उनकी मदद ली जा सके.

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