गौ ही भारत माता है – स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद

खबरीलाल रिपोर्ट

जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के शिष्य प्रतिनिधि दंडी स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने रायपुर स्थित शंकराचार्य आश्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं से कहा कि गौ माता ही भारत माता है। जब धरती पर पाप व अत्याचार बढ़ता है तब पृथ्वी देवी गो-माता का रूप धारण कर भगवान के पास जाती है।

अतः भारत माता धरती माता का स्वरूप गो-माता ही है। उन्होंने आगे कहा कि आजकल भारत माता के नक्शे के सामने एक देवी का चित्र भारत माता के रूप में दिखाया जाता है जबकि इसका वर्णन किसी भी शास्त्र में नहीं है। गौ ही भारत माता का मूल स्वरूप है। इस अवसर पर शंकराचार्य आश्रम रायपुर के प्रमुख ब्रह्मचारी डॉ इंदुभवानंद जी महाराज, आचार्य धर्मेंद्र, एमएल पांडेय, श्रीकृष्ण तिवारी, एसएस सिंह, डीपी तिवारी, ज्योति नायर, कस्तूरी चटर्जी, रत्नेश शुक्ला, शैलू नंदा, नरसिंह चंद्राकर, मठ के पुरोहित राम कुमार शर्मा, सोनू चंद्राकर, भूपेंद्र पांडेय, रुद्राभिषेक तिवारी व अन्य भक्तगण उपस्थित थे।

आगे दंडी स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि कामनाओं का कभी अंत नहीं होता है। एक कामना के पूर्ति होने पर दूसरी कामना दिल और दिमाग मे घर कर जाती है। जो व्यक्ति अपनी कामनाओं को कपट धर्म का पालन करते हुए पूर्ति करते हैं आगे चलकर उसे अपने कृत्य का फल भोगना पड़ता है।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अंत मे उपस्थित सभी भक्तों तथा देश के प्रत्येक व्यक्तियों के उद्देश्य से कहा कि श्रीमद्भागवत का प्रतिदिन जीवन भर श्रवण करना चाहिए साथ ही भागवत का एक श्लोक या आधा श्लोक मनुष्य को रोजाना पढ़ना चाहिए तथा उस श्लोक के अर्थ को समझते हुए उस पर विचार करना चाहिए। एक क्षण भी सत्संग संगति भी संसार रूपी समुद्र पार करने की नैया बन जाती है।

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