Gardening Tips: अपने किचन गार्डन की इस तरह से करें देखभाल

घरों में आजकल किचन गार्डन बनाने का ट्रैंड बढ़ रहा है।

जरूरी नहीं कि किचन गार्डन रसोई के आस पास हो। आप घर की किसी खुली जगह का इस्तेमाल किचन गार्डन बनाने के लिए कर सकते हैं। घर में किचन होने से न केवल आपको ऑर्गेनिक सब्जियां खाने को मिलेगी बल्कि पैसों की बचत भी होगी लेकिन आपको उसकी देखभाल के टिप्स भी आपको मालूम होने चाहिए।

किचन गार्डन की देखभाल

1. गमले रखने या पौधे लगाने का घर में कोई अन्य स्थान न हो और बालकनी अगर धूप वाली हो तो उसका पूरा लाभ उठाएं।

2. अगर आपका घर ग्राउंड फ्लोर पर हैं और जगह कच्ची है तो उस पर क्यारी बनाकर किचन गार्डन बनाएं।

3. अगर छत पर किचन गार्डन बनाना है तो पहले पॉलीथीन बिछा दें। उसमें थोड़ी दूरी पर कुछ छेद कर लें, ताकि ज्यादा पानी निकल जाए और छत में सीलन भी न आए।

4. गमले हमेशा मिट्टी के खरीदें क्योंकि प्लास्टिक के गमलों में पौधों का विकास पूरी तरह नहीं हो पाता।

5. गमलों में मिट्टी डालते समय नीम की सूखी पत्तियां मिलाएं, ताकि कीड़ों से बचा जा सके।

6. गमलों या क्यारियों में हवा और पानी अच्छी तरह से मिलते रहें। इसके अलावा पौधों की गुड़ाई करना न भूलें।

7. अंडों और फलों के छिलकों का प्रयोग मिट्टी में मिलाकर कर सकते हैं, ताकि पौधों को पोषण मिलता रहे।

8. एस्प्रिन, डिस्प्रिन या इकोस्प्रिन की गोली एक मग पानी में मिलाकर पौधों पर स्प्रे करें। इससे पौधों को फंगस से बचाया जा सकता है, जिससे उनका विकास उचित विकास हो सके।

9. अगर पौधों को उचित धूप नहीं मिलेगी तो पौधे आकार में छोटे और कमजोर रह जाएंगे। दिन में 3-4 घंटे की धूप काफी है। गर्मियों में तेज धूप से पौधों को बचाएं।

10. पौधों को प्रातः या शाम को पानी डालें। तेज धूप में पानी डालने से पौधे झुलस सकते हैं।

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