छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ की सबसे ऊंची चोटी है गौरलाटा, रहस्यों से भरी पहाड़ी पर अब वन विभाग बनाएगा वॉच टावर

आसपास के गांवों में रहने वाले लोगों की आवाजाही इस स्थल तक है लेकिन यहां की खूबसूरती अब तक बाहर नहीं आ सकी है।

अंबिकापुर । छत्तीसगढ़ की सबसे ऊंची चोटी गौरलाटा को पर्यटन नक्शे पर स्थापित करने की शुरुवात कर दी गई है।बलरामपुर जिले के चांदो वन परिक्षेत्र में स्थित गौरलाटा पर वाच टावर बनाने का निर्णय वन विभाग ने लिया है।जंगल पहाड़ से घिरे गौरलाटा तक पहुंचने का अभी रास्ता नहीं है।

गौरलाटा से छत्तीसगढ़ और झारखंड की सीमा पर स्थित बड़े वन क्षेत्र की खूबसूरती नजर आती है।बलरामपुर जिले के चांदो क्षेत्र के इदरीपाठ गांव से गौरलाटा तक पहुंचा जा सकता है।आसपास के गांवों में रहने वाले लोगों की आवाजाही इस स्थल तक है लेकिन यहां की खूबसूरती अब तक बाहर नहीं आ सकी है।

बलरामपुर डीएफओ लक्ष्मण सिंह के साथ वन अधिकारी,कर्मचारियों ने आठ किलोमीटर का कठिन सफर तय कर गौरलाटा पहुंच वहां की परिस्थितियों का प्रत्यक्ष अवलोकन कर वाच टावर के लिए स्थल चयन किया है। अभी तक यह स्थल लोगों की पहुंच से दूर और अनछुआ है।इस पहाड़ी पर कई गुफाएं और प्राकृतिक जलस्रोत भी है।वहां तक पहुंचना और वापस लौटना अभी की परिस्थिति में कष्टकर है।

1225 मीटर की ऊंचाई पर है गौरलाटा

गौरलाटा,छत्तीसगढ़ की सबसे ऊंची चोटी है। इसकी ऊंचाई 1225 मीटर है।मैनपाट 1152 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। छत्तीसगढ़ की कई प्रतियोगी परीक्षाओं में गौरलाटा को लेकर सवाल भी पूछे जा चुके है। अब वन विभाग इस स्थल को विकसित करने कार्ययोजना तैयार कर रहा है। गौरलाटा के अलावा वन विभाग द्वारा बलरामपुर जिले के वन क्षेत्रों में स्थित दूसरे पर्यटन स्थलों की भी पहचान सुनिश्चित की जा चुकी है।

पर्यटन नक्शे पर स्थापित करने अपार संभावनाएं

छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थल मैनपाट से भी ज्यादा ऊंचाई पर गौरलाटा स्थित है।यह जिस पहाड़ी क्षेत्र में है वहां कई गुफाएं ,प्राकृतिक जलस्रोत भी है।घने जंगल से घिरा होने के कारण यहां की खूबसूरती को लेकर वन अमला भी उत्साहित है।यहां एप्रोच सड़क बन जाने मात्र से ही इस स्थल को नई पहचान दिलाने में मदद मिलेगी।वाच टावर बन जाने से ग्रीष्मकाल में जंगल मे लगने वाली आग पर रोक के लिए वाच टावर पर चढ़कर फायर वाचर भी बड़े वन क्षेत्र की निगरानी कर सकेंगे।

फिलहाल वाच टावर फिर सुविधाएं भी:डीएफओ

बलरामपुर डीएफओ लक्ष्मण सिंह ने बताया कि छत्तीसगढ़ की सबसे ऊंची चोटी बलरामपुर वनमंडल में होने की जानकारी मिलने पर वे स्वयं अधिकारी,कर्मचारियों के साथ आठ किलोमीटर का कठिन सफर तय कर वहां पहुंचे थे।वर्तमान में गौरलाटा में एक वाच टावर बनाने का निर्णय लिया गया है।वाच टावर बन जाने से वहां की खूबसूरती को लोग देख सकेंगे।निकट भविष्य में सड़क भी बनाई जाएगी।गौरलाटा को सर्वसुविधायुक्त बनाने कार्ययोजना तैयार की जा रही है।यह जिलेवासियों के लिए भी गर्व की बात है कि छत्तीसगढ़ की सबसे ऊंची चोटी उनके जिले में स्थित है।

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