तीन करोड़ का गौरव पथ, तीन साल बाद भी अधूरा

नगरवासियों का गौरव नहीं, परेशानी बडा रहा है यह पथ

– राजशेखर नायर

नगरी: जब तीन करोड की लगत से कृषि उपज मंडी मार्ग को गौरव पथ बनाने का कार्य प्रारम्भ किया गया तो नगरवासियों के लगा की अब सडक की गड्ढो, धूल, कीचड़ से मुक्ति मिल जायेगी पर, हुआ उम्मीद के विपरीत, गौरव पथ निर्माण कार्य प्रारम्भ हुये तीन साल से भी अधिक समय गुजर चूका है.

कछुआ चाल मे चल रहे निर्माण कार्य नगरवासियों के परेशानी का कारण बन गया है. गड्ढो, धूल, निर्माण सामग्री वाहन चालकों केलिए आफत बन गई है, वाहन दुर्घटनाएं आम बात हो गई है. नगरपंचायत के अधिकारियों को निर्माण कार्य पुर्ण करवाने में कोई दिलचस्पी नहीं, अधिकारी ठेकेदार पर, ठेकेदार अधिकारियों पर दोषारोपण कर अपनी जिम्मेवारियों से पल्ला झाड़ लेते है, खामयाजा नगरवासियों को भुगतना पड़ रहा है.

Gaurav Path of three crore, incomplete after three years
तीन करोड़ का गौरव पथ, तीन साल बाद भी अधूरा

ठेकेदार का कहना है कि नप के अधिकारिओं की लापरवाही के चलते निर्माण सामग्री की राशि समय पर आबंटित नहीं हो रही है, जिसकी वजह से सडक निर्माण कार्य बार-बार अवरुद्ध हो रहा है. जबकी नप अधिकारिओं का कहना है कि ठेकेदार निर्माण कार्य में लापरवाही बरत रहा है,

निर्माण कार्य हेतु निर्धारित समय अवधि सीमा समाप्त हो चुकी है, इसके बावजूद समय सीमा बडाई गयी है इसके बावजूद निर्माण कार्य धीमी गति से चल रहा है. यहां बताना जरुरी है की कृषि उपज मण्डी मार्ग नगरी बसस्टैंड को कई प्रमुख शासकीय प्रतिष्ठानों से जोड़ती है,

उनमें से प्रमुख है स्कूल, छात्रावास, मंडी, प्रशिक्षण संस्थान, वन काष्ठागार, भंडाराण केन्द्र आदि, इसलिए इस मार्ग पर भारी वाहनों का आना जाना अधिक होता है, पर खरब सडक और भारी वाहन स्कूली बच्चों की सुरक्षा केलिए खतरा बने हुये है. नगरवासियों का कहना है की प्रशासन सडक निर्माण में हो रही लेटलतीफी का समांधान करें व लापरवाह अधिकारियों पर कठोर कार्यवाही करें.

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