सरगुजा जिले के 57 गांव में डे-केयर के रूप में विकसित हो रहे गौठान

पशु संवर्धन के साथ ग्रामीण आजीविका का सार्थक पहल

रायपुर : छत्तीसगढ़ के चार चिन्हारी नरवा, गरूवा, घुरवा, बारी के माध्यम से पशु एवं जल के संरक्षण के साथ ही संवर्धन के बेहतर उपाय के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने के लिए छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी योजना नरवा, गरूवा, घुरवा, बारी योजना का क्रियान्वयन जिले में तेजी से होते परिलक्षित हो रही है।

सरगुजा जिले के कलेक्टर डॉ सारांश मित्तर के निर्देशानुसार तथा जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी नम्रता गांधी के मार्गदर्शन में योजना के महत्वपूर्ण घटक गरूवा (गौवंशीय एवं भैंसवंशीय) पशुओं के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु डे-केयर सेंटर के रूप में जिले क 57 गांव में गौठान का निर्माण तीव्रगति से किया जा रहा है। इन गौठानों के निर्माण हेतु मनरेगा के तहत 4 करोड़ 5 लाख 867 रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।

गौठान का चयन ऐसे स्थल को किया जा रहा है जहॉ पहले से ही हरियाली मौजूद है ताकि पशुओं को प्राकृतिक रूप से छाया मिलने के साथ ही प्रकृति के साथ तादात्म्य स्थापित कर सके। इसके साथ ही गौठान में शेड निर्माण, पानी की व्यवस्था हेतु ट्यूबवेल एवं सोलर पंप, चारे की व्यवस्था हेतु चारागाह, कोटना निर्माण, चारा भण्डारण कक्ष, पशु चिकित्सा कक्ष, चरवाहा कक्ष, वर्मी कम्पोस्ट टांका, नाडेप टांका तथा वृक्षारोपण के कार्य तेजी से कराये जा रहे है।

गौठान में पशुओं को दिन में 7 से 8 घण्टे रखा जाएगा, जहॉ उनकी पूरी देखभाल की जाएगी। गौठान के प्रबंधन संचालन राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के स्व-सहायता समूह की महिलाओं के द्वारा किया जाएगा जिसे गौठान प्रबंधन समिति कहा जाएगा। गौठान संचालन से महिलाओं को जोड़ा जा रहा है ताकि गौठान में उत्पन्न होने वाले खाद और अन्य आय मूलक गतिविधियों से आजीविका का संवर्धन कर अपने को आत्मनिर्भर बना सके।

प्रबंधन समिति पशुओं को चराने के लिए चरवाहे की व्यवस्था भी करेगी। प्रत्येक गौठान में गोबर एवं गौमूत्र को संकलित कर समूह की महिलाओं द्वारा विभिन्न उपयोग की वस्तुओं के रूप में विक्री कर आय प्राप्त करेगें। साथ ही गोबर का संचयन कर बायोगैस संयंत्र की स्थापना भी की जाएगी जिससे घरेलू ईंधन ग्रामीणों के घरों तक पहुॅचाई जाएगी। वहीं वर्मी कम्पोस्ट टांका के द्वारा जैविक खाद का निर्माण कर किफायती दरों पर किसानों को उपलब्ध करायी जाएगी।

जिले के अम्बिकापुर जनपद के ग्राम सरगंवा, थोर, भिट्ठीकला, ससकालो, नवाबांध, नवापाराकला तथा सुखरी में गौठान निर्माण किया जा रहा है। इसी प्रकार जनपद पंचायत बतौली ग्राम झरगांवा, सरमना, बासेन, खड़धोवा, टेडगा, गोविंदपुर जनपद पंचायत लखनपुर अन्तर्गत जयपुर, लटोरी, केवरी, पुहपुटरा, अमगसी बनखेता, अमगसी, अमदला, रजपुरीकला, केवरा, ढोढाकेसरा, जनपद पंचायत लुण्ड्रा अन्तर्गत लमगांव, पुरकेला, डकई, करेसर, छेरमुण्डा, बबोली, चंगोरी, गंगोली, बटवाही, असकला, करौली, जनपद पंचायत मैनपाट अन्तर्गत उमकेला, कोट,

जामढोढी, हर्रामार, बरिमा, जजगा, जनपद पंचायत सीतापुर अन्तर्गत सोनतराई, भूसू, सूर, बगडोली, बंशीपुर, ढोढागांव, लिचिरमा, कुनमेरा, जनपद पंचायत उदयपुर अन्तर्गत सरगंवा, भकुरमा, पेडरखी, घाटबर्रा चकेरी, मुडगांव, भकुरमा, सायर तथा खरसुरा में निर्माण किया जा रहा है। इन गौठानों के निर्माण के लिए करीब 332 एकड़ भूमि का अर्जन किया गया है।

इन गांव में बनाये जा रहे मॉडल गौठान-अम्बिकापुर जनपद अन्तर्गत नवाबांध तथा सरगंवा, बतौली जनपद अन्तर्गत ग्राम सरमना, लखनपुर जनपद अन्तर्गत ग्राम जयपुर, लुण्ड्रा जनपद अर्न्तगत पुरकेला, सीतापुर जनपद अन्तर्गत सोनतराई तथा उदयपुर जनपद अन्तर्गत ग्राम सरगंवा में मॉडल गौठान का निर्माण तेजी से किया जा रहा है।

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