अश्विन के वर्ल्‍डकप-2019 में खेलने को लेकर वकालत करते दिखें गौतम गंभीर

गौरतलब है कि अश्विन इस समय शॉर्टर फॉर्मेट की भारतीय टीम से बाहर हैं.

टीम इंडिया के पूर्व ओपनर गौतम गंभीर ने करिश्‍माई ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन को वर्ल्‍डकप-2019 के लिए भारतीय टीम में स्‍थान देने की वकालत की है.

गंभीर का मानना है कि अश्विन जैसा अंगुलियों का स्पिनर इंग्लैंड की परिस्थितियों में कलाई के स्पिनरों की तुलना में अधिक प्रभावी साबित हो सकता है.

2011 में वर्ल्‍डकप जीतने वाले भारतीय टीम के सदस्‍य रहे गंभीर ने हाल ही में क्रिकेट से संन्‍यास लिया है. गौरतलब है कि अश्विन इस समय शॉर्टर फॉर्मेट की भारतीय टीम से बाहर हैं.

उन्‍होंने भारत की तरफ से अंतिम वनडे जुलाई 2017 में खेला था. इसके बाद रिस्‍ट स्पिनर युजवेंद्र चहल और कुलदीप यादव सीमित ओवरों के प्रारूप में भारत के मुख्य स्पिनर बन गए.

वर्ल्‍डकप में भी इन दोनों के भारतीय टीम का हिस्‍सा रहने की पूरी संभावना है.

अश्विन के साथ बाएं हाथ के लेग स्पिनर रवींद्र जडेजा को भी शॉर्टर फॉर्मेट की भारतीय टीम से बाहर होना पड़ा था, लेकिन जडेजा वापसी करने में सफल रहे.

गंभीर ने यहां एक कार्यक्रम से इतर कहा, ‘कलाई के दोनों स्पिनर (कुलदीप और चहल) ने पिछले एक साल में अच्छा प्रदर्शन किया है लेकिन मेरा अब भी मानना है कि अश्विन ऐसा गेंदबाज है जिसके नाम पर हमें विचार करना चाहिए.

मेरा मानना है कि एक योग्य स्पिनर हमेशा उच्च श्रेणी का होता है भले ही वह कलाई का स्पिनर हो या अंगुलियों का.’
गंभीर ने इस मामले में ऑस्ट्रेलिया के नाथन लियोन का उदाहरण दिया जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करने के बाद हाल में वनडे टीम में वापसी की है.

उन्होंने कहा, ‘वह (लियोन) संभवत: दुनिया का अभी सर्वश्रेष्ठ स्पिनर है और वह अंगुलियों का स्पिनर है.

मुझे लगता है कि हमें अंतर पैदा नहीं करना चाहिए कि टीम में कलाई का स्पिनर है और इसलिए अंगुलियों के स्पिनर के लिये कोई जगह नहीं है.

‘गंभीर ने कहा, ‘मेरा मानना है कि अश्विन (Ravichandran Ashwin) ऐसा खिलाड़ी है जिसके नाम पर विचार किया जाना चाहिए क्योंकि हमें साल के उस समय में इंग्लैंड की परिस्थितियों को भी ध्यान में रखना होगा.

विकेट सपाट हो सकता है और ऐसे में अंगुलियों का स्पिनर प्रभावी साबित हो सकता है.’ ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज के दौरान शिखर धवन के नहीं चल पाने के बारे में पूछे जाने पर गंभीर ने कहा कि यह बल्लेबाज जब टेस्ट सीरीज का हिस्सा नहीं था.

तो तब उन्हें प्रथम श्रेणी क्रिकेट में खेलना चाहिए था. गंभीर ने कहा, ‘मुझे थोड़ी निराशा हुई क्योंकि कुछ खिलाड़ियों को प्रथम श्रेणी क्रिकेट में खेलना चाहिए था.

टेस्ट क्रिकेट टीम का हिस्सा नहीं होने पर उन्हें खुद को प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेलने के लिये प्रेरित करना चाहिए था.’ गंभीर ने कहा, ‘‘जिन्हें भी केवल वनडे टीम के लिए चुना गया है, उन्हें वर्ल्‍डकप को ध्यान में रखकर लिया गया है.

मेरा मानना है कि महेंद्र सिंह धोनी, शिखर धवन और अंबाती रायुडु जैसे इन खिलाड़ियों को प्रथम श्रेणी क्रिकेट में खेलना चाहिए था.

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