भाटापारा के गोढ़ी में आकार ले रहा मॉडल गौठान : कलेक्टर ने लिया प्रगति का जायज़ा

- आलोक मिश्रा

बलौदा बाजार : बलौदा बाजार कलेक्टर कार्तिकेया गोयल ने आज भाटापारा विकास खंड के गोढ़ी में विकसित किए जा रहे मॉडल गौठान की प्रगति का जायज़ा लिया। उन्होंने यहां पशुओं के लिए चारा पानी की व्यवस्था, पर्याप्त छाया का इंतज़ाम,

खाद निर्माण आदि कार्यों का अवलोकन किया। गोयल ने गौठान निर्माण कार्य की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया और मानसून से पहले सभी काम निपटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मानसून में गौठान में मवेशियों की संख्या बढ़ेगी इस लिहाज से तैयारी पूरी रखें।

पूर्वजों की याद संजोने किया जाएगा पौध रोपण

उल्लेखनीय है कि ग्राम पंचायत गोढ़ी(स) में 2.98 एकड़ में गौठान का निर्माण किया गया है ।गौठान के चारों तरफ छायादार पेड़ लगे हुए हैं जहाँ प्राकृतिक रूप से मवेशियों को छाया मिल रही है। इसके अलावा यहां जनसहयोग से पैरावट का मचान भी निर्मित किया गया है। वर्तमान में यहां 445मवेशी हैं। यहां 14 एकड़ क्षेत्र चारागाह क्षेत्र भी है। यहाँ पशुओं के लिए पानी, चारा की पर्याप्त व्यवस्था है।

गोयल ने मानसून आने तक खेतों में हार्वेस्टर से कटाई के बाद बचे हुए पैरा को चारे के रूप में इस्तमाल करने का सुझाव दिया। मानसून के आते ही पौध रोपण कार्य शुरू कर दिया जायेगा। गोयल ने बताया कि पशुओं के लिए हरे चारे के लिए नेपियर घास का रोपण किया जाएगा

जिसके लिए प्रस्ताव बनाने के निर्देश जारी हो चुके हैं। इसके अलावा यहाँ करीब 2000 पौधे रोपे जाएंगे जहां ग्रामीण अपने पूर्वजों की याद में पौधे लगा सकेंगे।इससे एक तरफ पूर्वजों की याद संजोने के साथ साथ गौठान के चारों तरफ प्राकृतिक बाड़ का निर्माण भी होगा।

किसानों और पशुपालकों की चिंता हुई दूर

कलेक्टर गोयल ने इस दौरान ग्रामीणों और पशुपालकों से मुलाक़ात कर इस योजना के बारे में चर्चा की।ग्रामीणों ने बताया कि गौठान में मवेशियों के लिए बहुत अच्छी व्यवस्था की गई है। अब पशुपालकों को किसी भी प्रकार की चिंता नहीं है।

यहाँ पर्याप्त चारा, पानी उपलब्ध है साथ ही पशुओं की देखभाल भी बहुत अच्छे से की जा रही है। समय समय पर पशु चिकित्सकों द्वारा टीका भी लगाया जा रहा है।ग्रामीणों का मानना है इस योजना से किसानों को काफी फायदा होगा।

पहले मवेशी खेतों में घुसकर खड़ी फसल को नुकसान पहुंचा देते थे जिससे अक्सर ग्राम वासियों में आपसी विवाद की स्थिति बन जाती थी।इसके अलावा पहले मवेशियों ने सड़कों को अपना अड्डा बना रखा था जिससे हमेशा दुर्घटनाएँ होती रहती थीं और पशुओं की मृत्यु से पशुपालक को नुकसान होता था सो अलग ।लेकिन गौठान के बन जाने से अब मवेशियों को एक सुरक्षित स्थान मिल गया है इसलिए सारी चिंता दूर हो गई है।

स्व सहायता समूह की महिलायें बना रहीं जैविक खाद

Gautan modeling in the Bhadrapara scalp: the review of the progress made by the collector
Gautan modeling in the Bhadrapara scalp: the review of the progress made by the collector

ग्राम पंचायत गोढ़ी में सहायता समूह की महिलाओं द्वारा गौठान में जमा हो रहे पशुओं के गोबर से जैविक खाद का निर्माण भी शुरू हो गया है। कलेक्टर गोयल ने ग्रामीणों को सुझाव दिया कि ग्राम स्तर पर ही जैविक खाद का विक्रय करें जिससे स्व सहायता समूह की महिलाओं के साथ साथ गाँव वालों को भी फायदा होगा।गौठान निर्माण से गांव में ही महिलाओं को काम मिल रहा है जिससे उनके लिए आमदनी का एक जरिया बनेगा।

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