दूसरी तिमाही में इतने फीसदी घट सकता है जीडीपी, जानें

पहली तिमाही अप्रैल से जून के दौरान जीडीपी वृद्धि दर 8.2 प्रतिशत रही थी

मुंबईः देश की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर जुलाई से सितंबर की दूसरी तिमाही में कृषि और उद्योग क्षेत्र की धीमी वृद्धि की वजह से घटकर 7.2 प्रतिशत रह सकती है।

मंगलवार को जारी एक रिपोर्ट में यह कहा गया कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही अप्रैल से जून के दौरान जीडीपी वृद्धि दर 8.2 प्रतिशत रही थी। दूसरी तिमाही के आधिकारिक आंकड़े इस महीने के अंत में जारी किये जाएंगे।

घरेलू रेटिंग एजेंसी इक्रा ने एक रिपोर्ट में कहा है, दूसरी तिमाही के दौरान जीडीपी वृद्धि में गिरावट मुख्य तौर पर उद्योगों की कमजोर वृद्धि की वजह से होगी।

सितंबर तिमाही के दौरान औद्योगिक क्षेत्र की वृद्धि 7.1 प्रतिशत रहने का अनुमान है जो कि जून में समाप्त तिमाही में 10.3 प्रतिशत थी। जहां तक कृषि क्षेत्र की बात है दूसरी तिमाही में इस क्षेत्र की वृद्धि घटकर 3.5 प्रतिशत रह सकती है जो कि जून तिमाही में 5.3 प्रतिशत रही थी।

कमजोर रुपया और ऊंचे ईंधन मूल्यों को औद्योगिक वृद्धि की गति कमजोर पडऩे की प्राथमिक वजह माना जा रहा है जबकि असंतुलित मानूसन, कुछ इलाकों में बाढ और मानसून की देरी से वापसी, फसलों को नुकसान जैसे कई कारक हैं जिनसे कृषि क्षेत्र की वृद्धि प्रभावित हुई।

इक्रा की प्रधान अर्थशास्त्री आदिति नायर ने कहा कि तिमाही दर तिमाही के हिसाब से कंपनियों की कर-पूर्व माॢजन में कमी आई है।

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