गहलोत ने किया दावा – मोदी अब कभी नहीं जीतेंगे चुनाव

नई दिल्ली : कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अशोक गहलोत ने आज कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को गर्व करना चाहिए की वो जिस कुर्सी बैठे हैं उस पर कभी पंडित जवाहरलाल नेहरू बैठा करते थे। उन्होंने दावा किया कि मोदी अब कभी दोबारा चुनाव नहीं जीत सकते। गहलोत ने संवाददाताओं से बातचीत में आपातकाल को लेकर भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा कि अच्छा है मोदी जी इसे लेकर हमारी पब्लिसिटी कर रहे हैं, अच्छा होता प्रधानमंत्री उन बेहतरीन योजनाओं का भी जिक्र करते जिनकी शुरुआत इंदिरा ने की थी।

पीएम को बेइज्जत कर रही हैं वसुंधरा राजे : कांग्रेस नेता ने गौ संरक्षण एवं संवर्धन के लिए शराब पर 20 प्रतिशत उपकर लगाने के राज्य सरकार के निर्णय पर कहा कि शराब के शौकीन को शराब ही दिखती है। उन्होंने कहा कि शराब से वसूले गए कर का इस्तेमाल गौ संरक्षण और संवर्धन के लिए करना अनुचित है और कर किसी अन्य क्षेत्र से वसूला जाना चाहिए था। उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री प्रोजेक्ट किए जाने के मुद्दे पर कहा कि यह आलाकमान तय करता है। गहलोत ने कहा कि देश के सामने झूठ आ गया है, अब चाहे कुछ भी कर लें मोदी दुबारा चुनाव नहीं जीत सकते। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को बार-बार राजस्थान बुलाकर बेइज्जत कर रही हैं।

जनता भाजपा को नहीं करेगी माफ : गहलोत ने केन्द्रीय मानव संसाधन एवं विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर द्वारा गांधी परिवार पर लगाए गए आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा गांधी परिवार को लेकर बेबुनियाद आरोप लगा रही है। उनको मालूम होना चाहिए गांधी परिवार तीस साल से किसी संवैधानिक पद पर नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा झूठे वादे करके भारी बहुमत से सत्ता में आयी लेकिन जनता से किये वादों को पूरा नहीं करने से जनता आने वाले चुनाव में हिसाब चुकाएगी। प्रदेश की जनता भाजपा सरकार को माफ नहीं करेगी चाहे कोई भी आकर जयपुर में बैठ जाए।

वसुंधरा राजे कुर्सी की गरिमा का रखें ध्यान : राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को सलाह दी कि वे पुरस्कार लेने में मुख्यमंत्री की कुर्सी की गरिमा का ध्यान रखें। उन्होंने प्रदेश में किसानों द्वारा की गई आत्महत्याओं, बिगड़ी कानून व्यवस्था, रिफाइनरी, किसानों के कर्ज माफी को लेकर राज्य सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि मौजूदा सरकार के शासन में किसानों ने आत्महत्या की है। यह कलंक राजस्थान पर पहली बार लगा है। बजरी मुद्दे पर सरकार उच्चतम न्यायालय में अपना पक्ष ठीक ढंग से रख पाने में विफल रही जिसके कारण पचास लाख मजदूर परिवारों पर संकट खड़ा हो गया है। सरकार और खनन माफिया की मिलीभगत के कारण यह हालात पैदा हुए हैं।

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