घर-घर दस्तक 14 दिन में 327 संभावित टीबी मरीजों में से 3 में टीबी की पुष्टि

राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत जिले में टीबी को खत्म करने के लिए "टीबी हारेगा बेमेतरा जीतेगा" अभियान 10 सितंबर से चलाया जा रहा है।

बेमेतरा, 23 सितंबर 2021। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत जिले में टीबी को खत्म करने के लिए “टीबी हारेगा बेमेतरा जीतेगा” अभियान 10 सितंबर से चलाया जा रहा है। टीबी रोगियों की सघन खोज एवं उपचार अभियान 10 अक्टूबर-2021 तक चलाया जाएगा। इस अभियान के अंतर्गत चलने वाले डोर-टू-डोर सर्वे में 10 सितंबर से अब तक 27,252 परिवारों से संपर्क किया गया है। इस दौरान जांच टीम द्वारा 1.72 लाख लोगों की स्क्रीनिंग की गई है।

टीबी की खोज के लिए घर-घर सर्वे अभियान में मितानिन व स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा 14 दिनों में 327 टीबी के संभावित मरीजों की जांच की गई है। इनमें से 3 मरीजों में टीबी की पुष्टि हुयी है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा इन तीनों मरीजों का उपचार शुरू कर दिया गया है।

सीएमएचओ डॉ. प्रदीप घोष ने बताया

सीएमएचओ डॉ. प्रदीप घोष ने बताया, “अभियान के दौरान जिले के 713 गांवों में लगभग 10 लाख की जनसंख्या में टीबी संभावितों को खोजने को घर-घर सर्वे के लिए हाई रिस्क एरिया में मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, टीबी चैम्पियन व ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजकों की टीम टीबी के लक्षण वाले मरीजों की पहचान कर रही है। जिलेवासियों से अपील है कि डोर-टू-डोर सर्वे में यदि टीम के सदस्य किसी के घर पहुंचे तो टीबी के लक्षण वाले व्यक्ति अपने रोग को छिपाएं नहीं, बल्कि लक्षणों के बारे में खुलकर बताएं। टीबी रोग की पुष्टि होने पर उनका समुचित इलाज होगा।”

नोडल अधिकारी डॉ. नितेश चौबे ने बताया

जिला टीबी नियंत्रण कार्यक्रम नोडल अधिकारी डॉ. नितेश चौबे ने बताया, “दो सप्ताह या उससे अधिक समय की खांसी, शाम के समय बुखार आना, बलगम के समय खून का आना, राम में पसीना आना, भूख न लगना एवं वजन में कमी, गले में या अन्य भाग में गठान व छाती में दर्द होने की स्थितियों में टीबी का जांच अवश्य करवाना चाहिए। इसके लिए अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में संपर्क किया जा सकता है। इलाज से टीबी की बीमारी पूरी तरह से ठीक हो सकती है। इलाज करवा रहे मरीज, टीबी रोधी दवा का पूरा सेवन करें।

टीबी बीमारी को जड़ से खत्म करने के लिए भारत सरकार ने वर्ष 2025 तक और राज्य सरकार ने वर्ष 2023 तक का लक्ष्य तय किया है। अब ट्रू नाट मशीन की सहायता से जांच कर कीटाणु की सूक्ष्मतम मात्रा की भी पुष्टि हो जाती है। इससे संदिग्ध मरीजों को आसानी से पहचाना जा सकता है। टीबी के लक्षण होने पर तुरंत नजदीक के शासकीय अस्पताल में जाकर बलगम, सीबी नॉट, एक्सरें एवं मान्टूक्स की दो बार जांच निशुल्क कराएं है। ट्रू नाट मशीन से जांच के साथ-साथ क्षय रोग के निदान में कारगर होने का पता 24 घंटे के अंदर लग जाता है।”

राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) जिला कार्यक्रम समन्वयक सुश्री संपत्ति बंजारे ने बताया, “मितानिन द्वारा सर्वे अभियान में एनटीईपी ब्लॉक सुपरवाइजर द्वारा डेली सर्वे रिपोर्टिंग का कार्य किया जा रहा है।”

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