GNCAP का दावा विदेशी कंपनियां भारत को दे रही जीरो सेफ्टी कारें

सेफ्टी और स्‍टैंडर्ड के मामले में काफी

नई दिल्‍ली। कार मार्केट पर नजर रखने वाली ब्रिटेन की एक संस्‍था GNCAP का दावा है कि विदेशी कंपनियां भारत के लिए जो कारें बना रही हैं वे सेफ्टी के मामले में एकदम जीरो हैं और स्‍टैंडर्ड के मामले में भी से कारें मानकों पर खरी नहीं उतरतीं।

ग्‍लोबल न्‍यू कार असेसमेंट प्रोग्राम (GNCAP) नाम की संस्‍था का दावा है कि यह काफी चिंता की बात है कि कंपनियां भारत के लिए ऐसी कारें बनाई जा रही हैं।

कंपनी के डायरेक्‍टर अलजेनरो फ्यूरास ने बताया, ‘मुझे बहुत आश्‍चर्य हो रहा है कि भारत को ऐसी कारें दे रहे हैं तो सेफ्टी और स्‍टैंडर्ड के मामले में काफी पीछे हैं। जबकि इन कार निर्माता कंपनियों के अपने देश में कारों के इन मॉडलों को गैर कानूनी करार दे दिया गया है।’

कारों के परफॉर्फेंस के हिसाब से मिली रेटिंग

भारत में 2014 में शुरू हुए ग्लोबल एनसीएपी के अभियान ने कार सेफ्टी को लेकर लोगों का ध्यान खींचा।

2014 से अभी तक ग्लोबल एनसीएपी ने बड़े स्तर पर भारत में बनाई और बेची जाने वाली 25 से ज्यादा कारों का टेस्ट किया और उनकी परफॉर्मेंस के हिसाब से उन्हें रेटिंग दी।

नई रिपोर्ट मारुति की विटारा ब्रेजा और रेनॉ लॉजी की आई है, जिसमें विटारा ब्रेजा को 4-स्टार रेटिंग मिली है।

ग्लोबल एनसीएपी की इस रेटिंग के मुताबिक विटारा ब्रेजा भारत में बनाई गई सुरक्षित कारों में से एक है। यहां हम आपको ग्लोबल एनसीएपी की रेटिंग के हिसाब से सुरक्षित मानी जाने वाली भारतीय कारों के बारे में बता रहे हैं…

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