झोलाछाप के वजह से बच्चियों की मौत

भारत सिंह ठाकुर :

बिलासपुर . झोलाछाप के उपचार के बाद दो बच्चियों की मौत के मामले में शॉर्ट पीएम रिपोर्ट आ गई है। इसमें फूड पाइजनिंग से मौत नहीं होने की पुष्टि की गई है।रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को शनिवार को सौंपा जाएगा। इसके बाद मामले में झोलाछाप डॉक्टर के खिलाफ जांच शुरू की जाएगी।

बीते 14 जुलाई को मोपका के ग्राम खैरा निवासी केशव प्रसाद कुर्रे की 12 वर्षीय बेटी रेणुका और आठ वर्षीय रितिका की तबीयत भजिया खाने से बिगड़ गई थी। तब वह उन्हें उपचार के लिए मोपका के फरहदा चौक के पास स्थित वासू नाम के झोलाछाप के क्लीनिक ले गया।

झोलाछाप ने दोनों को दो-दो इंजेक्शन लगाकर कुछ अन्य दवाएं दी थी। इससे उनकी हालत और बिगड़ गई। सिम्स लाते समय रेणुका की मौत हो गई। इसके दूसरे रविवार को रितिका की भी मौत हो गई।

इसमें डॉक्टरों ने दवा के ओवरडोज होने से मौत की आशंका जताई थी। मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने क्लीनिक को सील कर दिया था। साथ ही पूरे मामले को जांच के दायरे में लिया था। वहीं इस मामले में शॉर्ट पीएम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

रिपोर्ट के आधार पर होगी एफआइआर

स्वास्थ्य विभाग ने साफ किया है कि इस मामले में झोलाछाप को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। लापरवाही से दो बच्चियों की मौत हुई है। जांच के बाद नर्सिंग होम एक्ट के तहत झोलाछाप के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराई जाएगी।

दोनों बच्चियों की मौत फूड पाइजनिंग से नहीं हुई है। रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को सौंपी जाएगी।

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