उत्तर प्रदेशराज्य

बालिका गृह सीज, सीएम करेंगे जांच के लिए हाई लेवल कमेटी का गठन

विवाद बढ़ने के बाद इस विषय को संसद में उठाया गया था, जिसके बाद इसकी सीबीआई जांच भी कराई गई थी।

लखनऊ। देवरिया के बालिका गृह में रहने वाली लड़कियों के साथ कथित यौन शोषण का मामला उजागर होने के बाद बालिका गृह को सीज कर दिया गया है तथा योगी आदित्‍यनाथ जांच के लिए हाई लेवल कमेटी का गठन करेंगे ।

देवरिया के मां विंध्‍यवासिनी संरक्षण गृह की लड़कियों के यौन शोषण की घटना ने प्रशासनिक तंत्र पर फिर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ के सभी जनपद के जिलाधिकारियों से नारी संरक्षण गृह के संबंध में रिपोर्ट तलब किए जाने के बाद वाराणसी के जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने सोमवार की सुबह ही जैतपुरा स्थित नारी संरक्षण गृह पहुंच औचक निरीक्षण किया।

संवासिनी गृह में लगे सीसीटीवी कैमरों का निरीक्षण

जिलाधिकारी समेत अन्य अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान सभी 88 संवासिनी और उनके 6 बच्‍चे संरक्षण गृह में मिले। जिलाधिकारी ने बताया कि निरीक्षण में किसी तरह की भी गड़बड़ी नहीं मिली। वहीं निरीक्षण के दौरान डीएम ने संवासिनियों से अलग-अलग बात भी की। जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान सभी सीसीटीवी कैमरों का भी निरीक्षण किया।

90 के दशक में सामने आया था संवासिनी कांड

बता दें कि वाराणसी का संवासिनी कांड भी देवरिया की तरह ही सामने आया था। शिवपुर इलाके में चलने वाले नारी संरक्षण गृह से भागी बालिका रूबी ने शिवपुर थाने पहुंचकर संचालिका द्वारा संरक्षण गृह में चलाए जा रहे काले कारनामें का राज खोला था।

इस दौरान तत्‍कालीन एएसपी जी.के.गोस्‍वामी ने मामले की जांच कर संवासिनी गृह की संचालिका समेत 6 लोगों को सलाखों के पीछे पहुंचाया था। इसके बाद जांच के लिए पहुंची महिला आयोग की टीम को कई बालिकाओं के गायब होने और हत्‍या किए जाने की जानकारी मिली थी।

इसके बाद मुकदमें दर्ज होने के बाद लंबे समय तक मामला सुर्खियों में भी रहा। विवाद बढ़ने के बाद इस विषय को संसद में उठाया गया था, जिसके बाद इसकी सीबीआई जांच भी कराई गई थी।

दो नारी संरक्षण गृह में से एक खाली

जिला प्रोबेशन अधिकारी प्रवीण कुमार त्रिपाठी ने बताया कि वाराणसी मंडल में सिर्फ वाराणसी में ही दो नारी संरक्षण गृह हैं। इनमें से एक शिवपुर संरक्षण गृह में दो साल से एक भी संवासिनी नही है। दूसरे जैतपुरा संरक्षण गृह में रहने वाली महिलाएं और युवतियों को पढ़ाई के साथ सिलाई-कढ़ाई समेत अन्य रोजगारपरक चीजें सिखाई जाती हैं।

उन्होंने बताया कि यहां ट्रेनिंग लेने के बाद दो महिलाएं नर्स की नौकरी भी कर रही हैं। साथ ही 18 साल से अधिक उम्र की सभी लड़कियों का मुख्‍यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत विवाह कराने की तैयारी चल रही है।

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