प्रेमिका ने शादी की जिद की तो हत्या कर जलाया शव

कोरबा।

बकरी चराने निकली एक 17 साल की किशोरी की अंधे कत्ल के मामले को पुलिस ने सुलझा लिया है। चार बच्चों के पिता के साथ किशोरी का प्रेम संबंध था और गर्भवती हो जाने की वजह से किशोरी शादी करने दबाव बना रही थी। गर्भवती होने की बात परिजनों को बता दी, तो बौखलाए प्रेमी ने चाकू से वार कर जघन्य हत्या कर दी और अपने गुनाह पर पर्दा डालने मिट्टी तेल छिड़क जलाने का प्रयास किया।

कोरबी पुलिस चौकी अंतर्गत आने वाले ग्राम पनगंवा की रहने वाली कुमारी बीरत बाई (17) बीते 30 अक्टूबर को सुबह करीब नौ बजे बकरियां लेकर चराने जंगल की ओर निकल गई थी। बताया जा रहा है कि इससे पहले सात बजे उसने अपने परिजनों को पांच माह का गर्भ होने की जानकारी दी थी।

इसके साथ ही परिजनों को गांव में ही रहने वाले देवसिंह (37) के साथ उसके प्रेम संबंध का भांडा फूट गया था। जंगल में देवसिंह से उसकी मुलाकात करीब दोपहर 12 बजे हुई, तो वह एक बार फिर शादी करने के लिए दबाव बनाने लगी। हमेशा की तरह देवसिंह उसे गर्भपात कराने की सलाह देकर टालमटोल करता रहा।

अंततः बीरत ने इस बात का खुलासा कर दिया कि घर में वह परिजनों को सब कुछ बता दी है। बस फिर क्या था, देवसिंह आग बबूला हो गया और उसके साथ मारपीट करने लगा। गुस्साए देवसिंह ने उसका गला दबा कर अधमरा करने के बाद पेट में चाकू से वार कर उसे मौत के घाट उतार दिया।

इधर घर वापस नहीं लौटी बीरत की खोजबीन करने के परिजन निकले, पर काफी प्रयास के बाद उसका कहीं पता नहीं चल सका। चार दिन बाद तीन नवंबर को कोरबी पुलिस चौकी में इसकी सूचना दी गई थी।

गुम इंसान का मामला दर्ज कर पुलिस जांच प़ड़ताल कर रही थी। गिरफ्तार किए गए आरोपित देवसिंह के खिलाफ हत्या, दुष्कर्म, अपहरण व साक्ष्य छिपाने के अलावा पास्को एक्ट के तहत धारा 302, 376, 363, 201 का अपराध पंजीबद्ध किया गया है।

घटना को अंजाम देने के बाद आरोपित देवसिंह ने पहले तो लाश को आनन-फानन में नजदीक ही स्थित झाड़ियो में छिपा कर भाग निकला। सूर्यास्त के बाद रात को वह पुनः घटनास्थल पहुंचा और शव को नायलोन की रस्सी से बांध कर घसीटते हुए पहाड़ी क्षेत्र में एक गुफानुमा जगह में ले गया, जहां मिट्टी तेल डाल कर शव को आग के हवाले कर दिया।

वरना नहीं मिलती लाश

पांच नवंबर को बीरत बाई की लाश हड़हाबिल के गुफानुमा जगह में सड़ी गली अवस्था में मिली थी। शव में नायलोन की रस्सी बंधी हुई थी। प्रथम दृष्टया ही पुलिस इसे हत्या का मामला मान कर जांच पड़ताल कर रही थी।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद हत्या कर शव जलाने की भी पुष्टि हो गई। बदबू आने की वजह से राहगीरों का ध्यान आकृष्ट हुआ और लाश का पता चल सका। ऐसे स्थान पर शव को जलाया था, जहां से आमतौर पर आने जाने वालों की नजर नहीं पहुंच पाती।

ऐसे खुला राज

मृतका ने परिजनों को देवसिंह का नाम पहले ही बता दिया था, इसलिए पुलिस को सीधे उस पर संदेह हुआ। ढूंढ़ते हुए पुलिस उसके घर पहुंची तो वह नदारद मिला। उसके बाद से उसकी तलाश की जा रही थी।

दस नवंबर को वह छिपते छिपाते घर पहुंचा था, लेकिन इसकी भनक पुलिस को लग गई और उसे धर दबोचा। पकड़े जाने के बाद पहले तो वह खुद को निर्दोष बताता रहा, पर पुलिस ने थोड़ी सख्ती बरती तो अपना गुनाह कबूल कर लिया।

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